Bengal Politics: बंगाल चुनाव से पहले मचा बवाल! राज्य के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस का इस्तीफा, ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने विधानसभा चुनाव से पहले अचानक इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी ने राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया है।

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के इस्तीफे पर हैरानी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्हें बोस के इस्तीफे की वजह की जानकारी नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें आश्चर्य नहीं होगा अगर आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दबाव की वजह से यह फैसला लिया गया हो।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बताया कि तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा, लेकिन इस बारे में उनसे स्थापित परंपरा के अनुसार परामर्श नहीं किया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि ऐसे कदम संविधान की भावना और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को कमजोर करते हैं।
I am shocked and deeply concerned by the sudden news of the resignation of Shri C. V. Ananda Bose, the Governor of West Bengal.
The reasons behind his resignation are not known to me at this moment. However, given the prevailing circumstances, I would not be surprised if the…— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 5, 2026
आर.एन. रवि को अतिरिक्त प्रभार
सी.वी. आनंद बोस के इस्तीफे के बाद फिलहाल तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
कब बने थे राज्यपाल
सी.वी. आनंद बोस को 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।उनसे पहले ला गणेशन अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।बोस को उस समय नियुक्त किया गया था जब जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति बने थे।
कौन हैं सी.वी. आनंद बोस
सी.वी. आनंद बोस 1977 बैच के IAS अधिकारी है। वे केरल के कोट्टायम के रहने वाले हैं। अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी में लगभग 40 किताबों के लेखक है। जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप से सम्मानित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के लिए विकास एजेंडा तैयार करने वाली कार्यकारी समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं उनके सभी के लिए किफायती आवास के कॉन्सेप्ट को केंद्र सरकार ने अपनाया था
















