LATEST NEWS

  • बिहार में बाढ़ को लेकर तेजस्वी का सरकार पर बड़ा हमला: बोले—नीतीश कुमार को कर दिया दरकिनार, मोदी जी 'रील और रियलिटी' में फर्क समझें"
  • बिहार में बाढ़ को लेकर तेजस्वी का सरकार पर बड़ा हमला: बोले—नीतीश कुमार को कर दिया दरकिनार, मोदी

  • Bihar News : बेतिया में निजी अस्पताल में महिला मरीज की हुई मौत, परिजनों ने जमकर काटा बवाल
  • Bihar News : बेतिया में निजी अस्पताल में महिला मरीज की हुई मौत, परिजनों ने जमकर काटा बवाल

  • नवादा के हिसुआ गोलीकांड में SIT की बड़ी कार्रवाई: दो नामजद आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी के घर से अहम दस्तावेज जब्त
  • नवादा के हिसुआ गोलीकांड में SIT की बड़ी कार्रवाई: दो नामजद आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी के घर से

  • पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से लोग हलकान : 50 से घटकर 2-3 पर सिमटी रजिस्ट्रियां, सरकार को भारी राजस्व का नुकसान
  • पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से लोग हलकान : 50 से घटकर 2-3 पर सिमटी रजिस्ट्रियां, सरकार को भारी राजस्व

  • Nagarmal Bajoria Dharti Pakad
  • पंचायत से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ने वाले ‘धरती पकड़’ का निधन, बिहार के सियासी सितारा ने

पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से लोग हलकान : 50 से घटकर 2-3 पर सिमटी रजिस्ट्रियां, सरकार को भारी राजस्व का नुकसान

गोपालगंज जिले में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गत 17 अगस्त से निबंधन कार्यालयों में लागू हुई नई पेपरलेस व्यवस्था के बाद से काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है.....

पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से लोग हलकान : 50 से घटकर 2-3 पर
पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से लोग हलकान- फोटो : नमो नारायण मिश्रा

Gopalganj : जिले में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गत 17 अगस्त से निबंधन कार्यालयों में लागू हुई नई पेपरलेस व्यवस्था के बाद से काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तकनीकी और व्यावहारिक पेचीदगियों के कारण रोजाना होने वाली दर्जनों रजिस्ट्रियां अब सिमट कर महज 2 से 3 तक रह गई हैं। इससे आम खरीदार-विक्रेता के साथ-साथ दस्तावेज लेखक और इससे जुड़े कारोबारी बेहद परेशान हैं।


स्मार्टफोन और OTP की प्रक्रिया बनी परेशानी की वजह 

Diarch GO

नई पेपरलेस व्यवस्था से सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों को हो रही है। खासकर ऐसे लोग जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या जो मोबाइल और ओटीपी (OTP) आधारित सत्यापन प्रक्रिया से सहज नहीं हैं, वे निबंधन कराने से कतरा रहे हैं। पहले जहां लोग खुद या अपने गवाहों के जरिए दस्तावेज पढ़वाकर पूरी तरह आश्वस्त हो जाते थे, वहीं अब मोबाइल और ओटीपी साझा करने को लेकर लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं बनी हुई हैं।


सरकार को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व की चपत 

रजिस्ट्री की संख्या में आई भारी गिरावट का सीधा असर सरकारी खजाने पर पड़ा है। सामान्य दिनों में गोपालगंज निबंधन कार्यालय में रोजाना औसतन 50 रजिस्ट्रियां होती थीं, जिससे सरकार को 40 से 50 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता था। हालांकि, अब रजिस्ट्री घटकर 2-3 रहने से राजस्व संग्रह सिमटकर 1 से 2 लाख रुपये पर आ गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस गतिरोध से जिले को रोजाना लगभग 70 लाख रुपये के संभावित राजस्व का घाटा हो रहा है।


NSIT
Nsmch

भ्रम दूर करने में जुटा प्रशासन, मिलेंगे कागजात 

निबंधन विभाग का दावा है कि पेपरलेस प्रक्रिया पूरी तरह आसान और पारदर्शी है तथा लोगों के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेपरलेस निबंधन का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि लोगों को जमीन का कोई कागज नहीं मिलेगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था की जा रही है।


सामान्य स्थिति बहाल होने का इंतजार 

फिलहाल गोपालगंज में जमीन-मकान की खरीद-बिक्री का काम काफी हद तक ठप है और लोग निबंधन प्रक्रिया के पूरी तरह सुचारू होने का इंतजार कर रहे हैं। विभाग का मानना है कि जैसे-जैसे सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और ओटीपी व मोबाइल प्रक्रिया को लेकर झिझक खत्म होगी, वैसे-वैसे रजिस्ट्रियों की संख्या में तेजी आएगी और राजस्व में भी सुधार दर्ज किया जाएगा।

नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट