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Bihar News : बेतिया में निजी अस्पताल में महिला मरीज की हुई मौत, परिजनों ने जमकर काटा बवाल

Bihar News : बेतिया के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला मरीज की मौत हो गयी. जिसके बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा......पढ़िए आगे

Bihar News : बेतिया में निजी अस्पताल में महिला मरीज की हुई म
मरीज की मौत के बाद हंगामा - फोटो : ASHISH

BETTIAH : पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक निजी क्लीनिक में कार्यरत डॉक्टर दिलीप कुमार पर परिजनों ने इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि सही समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण एक मरीज महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान नौतन थाना क्षेत्र के खापटोला गांव निवासी लाल बाबू प्रसाद की पत्नी सरस्वती देवी के रूप में हुई है।

घटना के संबंध में मृतका के पति लालबाबू प्रसाद ने बताया कि उनकी पत्नी को डायरिया (उल्टी-दस्त) की शिकायत थी, जिसके बाद वे उसे इलाज के लिए बेतिया स्थित डॉक्टर दिलीप कुमार के पास लेकर आए थे। परिजनों के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने कहा कि मरीज का 'ईको' (Echo) टेस्ट कराना पड़ेगा। हालांकि, सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉक्टर द्वारा जांच टालमटोल की जाती रही, जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण महिला ने दम तोड़ दिया।

महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर के खिलाफ नाराजगी जताई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। समाचार लिखे जाने तक मृतका का शव क्लीनिक में ही रखा हुआ था और परिजनों ने निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस-प्रशासन से कानूनी सहायता की मांग की है।

वहीं, इस पूरे मामले पर जब डॉक्टर दिलीप कुमार से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने विस्तार से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने संक्षेप में अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने अपने स्तर से सही इलाज किया था, बाकी जो हुआ वह ईश्वर की मर्जी है। डॉक्टर के इस जवाब से परिजन और अधिक आक्रोशित नजर आए। इस घटना के बाद शहर के अस्पताल रोड स्थित निजी नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि आए दिन लापरवाही के कारण मरीजों की जान जाती है, जिसके बाद प्रशासन सील करने का नाटक करता है और फिर से क्लीनिक संचालित होने लगते हैं। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की इस उदासीनता और कथित सांठगांठ को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं।

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आशीष की रिपोर्ट