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Bihar News:अतिक्रमण हटाने को लेकर बेतिया में किसानों का हल्ला बोल, बाजार समिति गेट पर अनशन, प्रशासन पर वादाखिलाफी का इल्जाम

Bihar News: अनुमंडल प्रशासन ने 9 अप्रैल तक अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया था, मगर तय मियाद गुजरने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।

Bettiah Farmers Protest
किसानों का हल्ला बोल- फोटो : reporter

Bihar News: पश्चिम चम्पारण के बेतिया में सियासत और जमीनी गुस्से का संगम उस वक्त देखने को मिला, जब बाजार समिति के मुख्य द्वार पर किसानों और व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा। 12 अप्रैल की सुबह से ही गेट के सामने हल्ला बोल का नारा गूंजने लगा और देखते ही देखते प्रदर्शन आमरण अनशन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अनुमंडल प्रशासन ने 9 अप्रैल तक अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया था, मगर तय मियाद गुजरने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। किसानों और छोटे व्यापारियों का इल्ज़ाम है कि यह महज़ कागजी कार्रवाई साबित हुई और हकीकत में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

करीब तीन दशक से इस बाजार समिति परिसर में अपना कारोबार चला रहे किसानों और व्यापारियों का कहना है कि अब उनकी रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। “हमको न हटाया जा रहा है, न बसाया जा रहा है इस दर्द के साथ प्रदर्शनकारी प्रशासन की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना अतिक्रमण हटाने की बात सिर्फ दिखावा है। मौके पर मौजूद लोगों ने साफ चेतावनी दी कि अगर जल्द ही अतिक्रमण हटाकर व्यवस्थित बाजार की व्यवस्था नहीं की गई, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। सियासी हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर किसानों और छोटे व्यापारियों की आजीविका से जुड़ा है।

वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस ने हालात को काबू में लेने के लिए तत्काल एक्शन लिया। बाजार समिति का मुख्य गेट खुलवाया गया और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया गया कि चार दिनों के भीतर उनकी सभी समस्याओं का हल निकाल लिया जाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन अपने वादों पर कितना खरा उतरता है, या फिर यह गुस्सा आने वाले दिनों में और बड़ा सियासी मुद्दा बनकर उभरता है। फिलहाल, बेतिया की सड़कों पर किसान अपनी हक की लड़ाई को लेकर डटे हुए हैं।

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रिपोर्ट- आशीष कुमार