LATEST NEWS

  • President Colour Award
  • Bihar Police:बिहार पुलिस को मिलेगा देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान, राष्ट्रपति कलर अवार्ड से होंगे सम्मानित

  • Anant Singh MLA Status
  • Bihar Politics: अनंत सिंह की विधायकी पर लटकी तलवार! JDU की अर्जी पर अब इस दिन तय होगा

  • Bihar TRE-4
  • BPSC TRE-4 ने तोड़े भर्ती के सारे रिकॉर्ड, आवेदन के आंकड़े पढ़ कर चौक जाएंगे आप

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

  • Bihar Mobile Users
  • Bihar Mobile Users:आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं? घर बैठे ऐसे करें चेक, फर्जी नंबर

Bihar Land Survey: सरकार का नया आदेश, अब बिहार के इन 20 जिलों में इस तरह के जमीन का होगा सर्वे...क्या आप भी हैं ऐसी भूमि के मालिक

Bihar Land Survey: बिहार में लैंड सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 20 जिलों में विशेष भूमि सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है....

लैंड सर्वे
नीतीश सरकार का नया आदेश - फोटो : social media

Bihar Land Survey: बिहार में जमीन सर्वे का काम तेजी से जारी है। राजस्व विभाग के द्वारा लगातार जमीन सर्वे में आने वाली परेशानियों को दूर किया जा रहा है। सर्वे को लेकर भू मालिकों को जो भी परेशानी है उसे दूर किया जा रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। सरकार प्रदेश के 20 जिलों में अलग तरह से जमीन सर्वे कराने का निर्णय लिया है। दरअसल प्रदेश में विशेष भूमि सर्वे के तहत टोपोलैंड यानि असर्वेक्षित ग्राम में आने वाले राजस्व गांवों का भी सर्वेक्षण कराया जाएगा।  

अंतिम चरण में विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम 

बता दें कि, बांका जिले के पांच प्रखंडों बाराहाट, बेलहर, फुल्लीडुमर, कटोरिया और चांदन में विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य अपने अंतिम चरण में है। वहीं, शेष छह प्रखंडों में इस कार्य को जल्द शुरू करने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अब तक जिले में एक लाख 65 हजार से अधिक रैयतों ने ऑनलाइन आवेदन जमा किए हैं।

सरकार का आदेश 

इसी बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए टोपोलैंड यानी असर्वेक्षित ग्राम की श्रेणी में आने वाली जमीनों का भी सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया है। इस संबंध में भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने बांका समेत राज्य के 20 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों को पत्र जारी कर इस माह से ही सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

क्या है टोपोलैंड?

टोपोलैंड मुख्यत नदियों के किनारे स्थित वह जमीन होती है जिसका अब तक कभी सर्वे नहीं हुआ। बाढ़ या बारिश के बाद नदियों के मार्ग में बदलाव से नए भूखंड बन जाते हैं जिन्हें अब तक सरकारी अभिलेखों में शामिल नहीं किया गया था। हालांकि बांका जिले में वर्ष 2000 के बाद कोई बड़ी बाढ़ नहीं आई है फिर भी चांदन, ओढ़नी, सुखनिया, पैर और बदुआ जैसी नदियों के किनारे की कई जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण की शिकायतें मिली हैं। विशेष रूप से अमरपुर और चांदन नदी के बीच सड़क निर्माण की बात सामने आई है। जहां सर्वे के बाद अतिक्रमणकारियों को बेदखल किया जा सकता है। चांदन, बांका जिले की सबसे बड़ी नदी मानी जाती है और इसके किनारे की कई जमीनों पर लोगों ने अवैध रूप से मकान बना लिए हैं। इसके कारण सरकार ने इन भूमि का भी सर्वे कराने का निर्णय लिया है। 

NSIT
Nsmch

भूमि विवाद निपटारे की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का मानना है कि टोपोलैंड का सर्वे होने से भविष्य में जमीन विवाद की संभावनाएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी। सर्वे के दौरान रैयतों से स्वघोषणा पत्र और वंशावली भी ली जा रही है। वर्तमान में प्रथम चरण का सर्वे राज्यभर में चल रहा है, जिसमें शहरी निकायों की सीमाओं को छोड़कर बाकी समस्त भूमि को कवर किया जा रहा है।

इन जिलों में भी होगा टोपोलैंड का सर्वे

बांका के अलावा मुंगेर, जमुई, लखीसराय, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, शेखपुरा, सुपौल, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, अररिया, अरवल, शिवहर, बेगूसराय, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज और नालंदा जिलों में भी टोपोलैंड का सर्वे कराया जाएगा।