भवानीपुर में बड़ा उलटफेर: ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी ने दी पटखनी, गढ़ में भी नहीं बच पाईं 'दीदी'

Desk : पश्चिम बंगाल के चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई है। आलम यह रहा कि टीएमसी सुप्रीमो अपने गढ़ भवानीपुर को खुद नहीं बचा पाई। भवानीपुर में ममता बनर्जी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें करारी मात दी है....

भवानीपुर में बड़ा उलटफेर: ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी ने

Desk : पश्चिम बंगाल की सबसे प्रतिष्ठित विधानसभा सीट भवानीपुर में इस बार बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी अपने ही गढ़ भवानीपुर में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से चुनाव हार गई हैं। आज सोमवार को हुई मतगणना में उतार-चढ़ाव भरे कई राउंड के बाद अंततः भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। भवानीपुर की यह हार ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।


सुवेंदु अधिकारी ने फिर साबित किया लोहा 

Diarch GO

नंदीग्राम के पिछले कड़े मुकाबले के बाद इस बार सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनके घर में चुनौती दी थी। शुरुआती राउंड में ममता बनर्जी ने बढ़त बनाई थी, लेकिन छठे राउंड के बाद सुवेंदु अधिकारी ने जो बढ़त बनाई, उसे अंत तक बरकरार रखा। अंतिम परिणामों में सुवेंदु अधिकारी ने 15 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से जीत हासिल की। सुवेंदु ने इस जीत को बंगाल की जनता की 'अन्याय और तुष्टिकरण के खिलाफ जीत' करार दिया है।


गढ़ में भी नहीं चला 'खेला' 

NSIT
Nsmch

गौरतलब है कि भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी का सबसे सुरक्षित किला माना जाता था, जहां से वे पिछले तीन चुनावों से जीतती आ रही थीं। हालांकि, इस बार भाजपा की 'घेराबंदी' और सुवेंदु अधिकारी की आक्रामक रणनीति के सामने टीएमसी का सुरक्षा घेरा ध्वस्त हो गया। स्थानीय मुद्दों और आरजी कर जैसी हालिया घटनाओं ने भी मतदाताओं के मिजाज को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। यह पहली बार है जब ममता बनर्जी को उनके घरेलू मैदान पर हार का स्वाद चखना पड़ा है।


भाजपा ने राज्य में भी लहराया परचम 

न केवल भवानीपुर, बल्कि पूरे बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। भाजपा 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाने जा रही है। ममता बनर्जी की हार ने टीएमसी कार्यकर्ताओं के मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया है। पार्टी के कई दिग्गज नेता भी अपनी सीटें बचाने में नाकाम रहे हैं, जिससे राज्य में एक दशक से अधिक लंबे टीएमसी शासन का अंत हो गया है।


इधर भाजपा ने इस जीत को 'सनातन और सुशासन' की जीत बताया है। वहीं, मुख्यमंत्री पद की दावेदारी खोने के बाद ममता बनर्जी ने इसे जनता का निर्णय बताते हुए स्वीकार किया है, लेकिन साथ ही काउंटिंग में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए हैं। बंगाल अब एक नए नेतृत्व और नई विचारधारा के साथ अपनी अगली यात्रा शुरू करने के लिए तैयार दिख रहा है।