LATEST NEWS

  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा निशाना
  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा

  • Bihar Road Accident : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर दो बसों के बीच हुई भीषण टक्कर, चालक की मौके पर हुई मौत, तीन यात्री हुए जख्मी
  • Bihar Road Accident : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर दो बसों के बीच हुई भीषण टक्कर, चालक की मौके पर

  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने 20 मिनट में पाया काबू
  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों

  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और 4 बाइक किया जब्त
  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और

  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने शराब की बड़ी खेप के साथ चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने

Premanand ji Maharaj: वृंदावन से घर आते समय इन वस्तुओं को कभी भी अपने साथ नहीं लाएं,होगी अनहोनी,प्रेमानंद जी महाराज क्या कहते हैं....

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वृंदावन में निवास पाने के लिए ऋषि-मुनियों और महात्माओं ने वर्षों तक तपस्या की।

Premanand ji Maharaj: वृंदावन से घर आते समय इन वस्तुओं को कभ
प्रेमानंद जी महाराज की जरूरी बातें- फोटो : social media

Premanand ji Maharaj: वृंदावन, वह स्थान है जहां भक्तों को भगवान कृष्ण की दिव्य अनुभूति होती है। विशेष रूप से बांके बिहारी मंदिर, जो इस पावन नगरी का हृदयस्थल है, हर दिन हजारों भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यशोदा नंदन के इस मंदिर में भक्तों की आस्था इतनी गहरी है कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को आत्मिक शांति और आनंद की अनुभूति होती है।


भक्ति और तप की धरती

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वृंदावन में निवास पाने के लिए ऋषि-मुनियों और महात्माओं ने वर्षों तक तपस्या की। यहां का प्रत्येक जीव—पशु, पक्षी, पेड़-पौधे, और यहां तक कि मिट्टी—अपने तप और भक्ति के कारण इस भूमि पर स्थान पा सके हैं। इसलिए, इस पावन स्थान को गहराई से सम्मानित किया जाता है।

Diarch GO




वृंदावन से क्या ले जाना उचित है?

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, वृंदावन से तुलसी, पेड़-पौधे, या मिट्टी को घर ले जाना अपराध समान माना गया है। यहां के जीव-जंतु और वनस्पतियां भी भगवान के भक्त हैं, और उन्हें यहां से दूर करना उनकी तपस्या और भक्ति का अपमान है।

NSIT
Nsmch


हालांकि, भक्त वृंदावन धाम से चंदन, रंग, पंचामृत, और कान्हा जी के वस्त्र ले जा सकते हैं। ये वस्तुएं धार्मिक दृष्टि से उचित मानी जाती हैं और उन्हें घर ले जाकर भगवान की भक्ति और सेवा में उपयोग किया जा सकता है।


वृंदावन के प्रति आस्था का सम्मान

वृंदावन केवल एक तीर्थ स्थान नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण का दिव्य धाम है। यहां आने वाले भक्तों को इस भूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए सतर्क रहना चाहिए। वृंदावन का हर कण कृष्ण प्रेम से ओतप्रोत है, और इस प्रेम को सहेजकर रखना हर भक्त का कर्तव्य है।