पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने 20 मिनट में पाया काबू

Patna : राजधानी पटना के अति-व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल गांधी मैदान थाना क्षेत्र स्थित जमाल रोड से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां बैंक ऑफ इंडिया शाखा जिस भवन में स्थित है, उसके भूतल (बेसमेंट) में संचालित एक सजावटी प्लास्टिक के फूलों के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। व्यस्त बाजार में अचानक धुआं और लपटें उठते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास की दुकानों व बैंक परिसर में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप फैल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पटना अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल हरकत में आई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। सूचना मिलते ही अग्निशमन डीएफओ (DFO) अभिषेक कुमार दमकल विभाग की पांच गाड़ियों के साथ आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। घनी आबादी और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए दमकलकर्मियों ने बिना कोई समय गंवाए चारों तरफ से आग पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास शुरू कर दिए।
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए पटना के डीएफओ अभिषेक कुमार ने बताया कि शुरुआत में बैंक ऑफ इंडिया शाखा के कार्यालय में आग लगने की सूचना मिली थी। हालांकि, मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि आग बैंक के भूतल में स्थित प्लास्टिक के सजावटी फूलों के गोदाम में लगी थी। अग्निशमन विभाग की छोटी और बड़ी गाड़ियों के त्वरित एवं संयुक्त प्रयास से लगभग 20 मिनट के भीतर ही आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।
डीएफओ ने आगे बताया कि प्लास्टिक सामग्री के जलने के कारण भारी मात्रा में जहरीला और घना धुआं निकला, जो ऊपर स्थित बैंक भवन के कमरों व परिसर में फैल गया था। इस धुएं को बाहर निकालने के लिए अग्निशमन टीम द्वारा तुरंत स्मोक एडजेस्टर (स्मोक एग्जॉस्टर) मशीनें लगाई गईं, जिससे भवन से धुआं निकाला जा रहा है। सबसे राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और सभी बैंक कर्मचारी व ग्राहक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
अग्निशमन विभाग की इस त्वरित और मुस्तैद कार्रवाई से जमाल रोड जैसे घने और व्यस्त बाजार में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह पूरी इमारत और आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले सकती थी। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अग्निशमन टीम सुरक्षा मानकों की जांच में जुटी हुई है।
अनिल की रिपोर्ट















