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Court news : विवादास्पद टिप्पणी करने वाले हाई कोर्ट के न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सख्त हिदायत, 'बहुसंख्यक समुदाय की इच्छा से होगा काम' पर खूब सुनाया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने 8 दिसंबर को उच्च न्यायालय परिसर में विहिप द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में विवादास्पद टिप्पणी की थी. इस लेकर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सख्त हिदायत दी है.

Allahabad HC judges controversial remark
Allahabad HC judges controversial remark- फोटो : news4nation

Court news : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव से कहा कि वे कोई टिप्पणी करते हुए अपने शब्दों पर ध्यान दें. विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उनके द्वारा की गई अपनी विवादास्पद टिप्पणी के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए शेखर कुमार यादव पांच वरिष्ठतम न्यायाधीशों के समक्ष उपस्थित हुए।

8 दिसंबर को उच्च न्यायालय परिसर में विहिप द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में न्यायमूर्ति यादव की टिप्पणी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया और उनके खिलाफ महाभियोग चलाने तथा उनसे न्यायिक कार्य वापस लेने की मांग उठने लगी।

पिछले सप्ताह 55 सांसदों के एक समूह ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग करते हुए राज्यसभा में एक नोटिस भी भेजा था। 10 दिसंबर को, सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति यादव द्वारा दिए गए भाषण की समाचार पत्रों में छपी खबरों पर संज्ञान लिया। इसके बाद न्यायालय ने उच्च न्यायालय से विवरण और ब्यौरा मांगा है।

न्यायमूर्ति यादव ने अपने भाषण में कहा था कि भारत बहुसंख्यक समुदाय की इच्छा के अनुसार काम करेगा और बहुसंख्यकों का कल्याण और खुशी दूसरों की इच्छाओं से ऊपर है। न्यायमूर्ति यादव ने कहा था, "मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह हिंदुस्तान है और यह देश यहां रहने वाले बहुसंख्यकों की इच्छा के अनुसार काम करेगा। यह कानून है। यह उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में बोलने के बारे में नहीं है; बल्कि, कानून बहुसंख्यकों (बहुमत) के अनुसार काम करता है।"

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