LATEST NEWS

  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा निशाना
  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा

  • Bihar Road Accident : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर दो बसों के बीच हुई भीषण टक्कर, चालक की मौके पर हुई मौत, तीन यात्री हुए जख्मी
  • Bihar Road Accident : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर दो बसों के बीच हुई भीषण टक्कर, चालक की मौके पर

  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने 20 मिनट में पाया काबू
  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों

  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और 4 बाइक किया जब्त
  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और

  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने शराब की बड़ी खेप के साथ चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने

सहायक प्रोफेसर और कुलपति पदों पर नई गाइडलाइंस: UGC ने दी बड़ी छूट, जानें डिटेल्स

यूजीसी ने सहायक प्रोफेसर और कुलपति पदों पर भर्ती के लिए नए नियमों का मसौदा तैयार किया है। एमई/एमटेक कैंडिडेट्स को नेट की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। कुलपति पद के लिए 10 साल के शैक्षणिक अनुभव की बाध्यता खत्म कर दी गई है। नियम शिक्षा में बड़ा बदलाव लाएं

सहायक प्रोफेसर और कुलपति पदों पर नई गाइडलाइंस: UGC ने दी बड़

सहायक प्रोफेसर और कुलपति बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव करते हुए एक नया मसौदा तैयार किया है। इसके तहत, एमई और एमटेक उम्मीदवारों के लिए नेट (NET) परीक्षा पास करना अब अनिवार्य नहीं होगा। इसके साथ ही कुलपति के पदों पर नियुक्ति के लिए भी नियमों में ढील दी गई है।

Diarch GO

मुख्य बदलाव:

  1. एमई/एमटेक कैंडिडेट्स को राहत:
    • एमई या एमटेक में 55% अंक रखने वाले कैंडिडेट्स बिना नेट परीक्षा के सहायक प्रोफेसर पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  2. पीएचडी और नेट विषयों में लचीलापन:
    • अब पीएचडी और नेट का विषय यूजी या पीजी के विषय से अलग हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कैंडिडेट की पीएचडी रसायन विज्ञान में है, लेकिन उनका पीजी गणित में हुआ है, तो वह रसायन विज्ञान पढ़ाने के लिए पात्र हैं।
  3. कुलपति पद के नियम:
    • अब कुलपति पद के लिए 10 साल के शैक्षणिक अनुभव की बाध्यता नहीं होगी। संबंधित क्षेत्र में 10 साल का अनुभव रखने वाले और उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड वाले विशेषज्ञ भी इस पद के लिए योग्य होंगे।

प्रोफेसर और प्रमोशन के लिए गाइडलाइंस:

  • प्रमोशन: असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी डिग्री अनिवार्य होगी।
  • पहले की योग्यता: पहले यूजी और पीजी के विषय नेट और प्रोफेसर पद के लिए एक ही होने जरूरी थे, लेकिन अब यह शर्त हटा दी गई है।

NSIT
Nsmch

फैकल्टी नियुक्ति में क्रांतिकारी बदलाव:
नई गाइडलाइंस से उच्च शिक्षा में अधिक विशेषज्ञ और योग्य कैंडिडेट्स के लिए रास्ता खुलेगा। यह मसौदा अभी ड्राफ्ट चरण में है, लेकिन यदि इसे लागू किया गया, तो शिक्षा जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।