LATEST NEWS

  • नदियों के बढ़ते जलस्तर पर पटना प्रशासन सतर्क, डीएम ने दिए 24 घंटे तटबंध निगरानी के निर्देश
  • नदियों के बढ़ते जलस्तर पर पटना प्रशासन सतर्क, डीएम ने दिए 24 घंटे तटबंध निगरानी के निर्देश

  • Bihar News : गंडक बैराज से 1.83 लाख क्यूसेक पानी किया गया डिस्चार्ज, कई इलाकों में बाढ़ का मंडराया खतरा, सहमे लोग
  • Bihar News : गंडक बैराज से 1.83 लाख क्यूसेक पानी किया गया डिस्चार्ज, कई इलाकों में बाढ़ का

  • लोक अदालत की तैयारियों को लेकर पटना यातायात पुलिस की बैठक, लंबित ई-चालान और जनशिकायतों के निस्तारण पर जोर
  • लोक अदालत की तैयारियों को लेकर पटना यातायात पुलिस की बैठक, लंबित ई-चालान और जनशिकायतों के निस्तारण पर

  • Bihar News : गया में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया भंडाफोड़, मौके से अपराधी को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में औजार किया बरामद
  • Bihar News : गया में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया भंडाफोड़, मौके से अपराधी को

  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा निशाना
  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा

सुंदरता कहीं बन न जाए खतरा,आइब्रो बनवाने गईं, लौट आई जानलेवा खतरे के साथ , ब्यूटी पार्लर की लापरवाही से फैल सकता है ये गंभीर रोग

Health Risk:ब्यूटी पार्लर जाकर अपनी आइब्रो बनवाना जानलेवा हो सकता है....

EYEBROW THREADING HEALTH RISKS
आइब्रो थ्रेडिंग से हो सकता लिवर फेल- फोटो : Meta

Health Risk: सुंदरता निखारने के लिए ब्यूटी पार्लर जाना और आइब्रो थ्रेडिंग करवाना एक आम बात है। हर दो महीने में कई महिलाएं यह प्रक्रिया करवाती हैं। यह कम समय और कम पैसे में चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने का एक साधन माना जाता है। लेकिन डॉक्टरों की चेतावनी है  इसे हल्के में लेना आपकी ज़िंदगी पर भारी पड़ सकता है।

हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि आइब्रो थ्रेडिंग के दौरान अगर इस्तेमाल होने वाला धागा या उपकरण साफ-सुथरा नहीं है, तो इससे जानलेवा संक्रमण हो सकता है। कुछ पार्लरों में एक ही धागा कई ग्राहकों पर इस्तेमाल होता है, जिससे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और यहां तक कि एचआईवी जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

Diarch GO

कैसे फैलता है संक्रमण?

थ्रेडिंग के दौरान स्किन पर छोटे-छोटे कट बन जाते हैं। अगर धागा या उपकरण संक्रमित है, तो वायरस सीधे रक्त प्रवाह में प्रवेश कर जाता है। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, टैटू बनवाना, रेज़र शेयर करना और अस्वच्छ थ्रेडिंग  ये सभी हेपेटाइटिस बी संक्रमण के बड़े कारण हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि हेपेटाइटिस बी वायरस दूषित सतहों पर कई दिनों तक जीवित रह सकता है। यानी अगर एक संक्रमित व्यक्ति पर इस्तेमाल किया गया धागा या उपकरण बिना साफ किए किसी दूसरे पर इस्तेमाल हो, तो संक्रमण आसानी से फैल सकता है।

NSIT
Nsmch

कब होता है ज्यादा खतरा?

जब आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) मजबूत होती है, तो वायरस दबा रह सकता है। लेकिन कमजोरी, बीमारी या तनाव की स्थिति में वायरस एक्टिव होकर पूरे शरीर में फैल सकता है। तीव्र हेपेटाइटिस बी संक्रमण लगभग 6 महीने तक रहता है। एक बार एक्टिव हो जाने पर यह क्रॉनिक बीमारी में बदल सकता है। हेपेटाइटिस ए और ई का खतरा अपेक्षाकृत कम होता है, लेकिन सावधानी न बरती जाए तो जटिलताएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमण की जड़ है स्वच्छता की कमी। पार्लर में इस्तेमाल होने वाला हर धागा और उपकरण सिंगल-यूज़ होना चाहिए। धागे को बार-बार अलग-अलग ग्राहकों पर इस्तेमाल करना सबसे बड़ा खतरा है।

आप कैसे बच सकते हैं?

थ्रेडिंग से पहले नया, सीलबंद धागा खुलते हुए देखें।उपकरणों को डिसइंफेक्ट करने की पुष्टि करें।संदेह होने पर अपनी आईब्रो ग्रूमिंग घर पर करें।किसी भी लालिमा, खुजली या सूजन पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

बात सिर्फ सुंदरता की नहीं, बल्कि ज़िंदगी की सुरक्षा की है। अगली बार जब पार्लर जाएं, तो यह सोचकर न जाएं कि यह एक मामूली कॉस्मेटिक प्रक्रिया है , यह आपके लिए ज़िंदगी और मौत के बीच का फर्क साबित हो सकती है।