LATEST NEWS

  • Bihar Crime: बक्सर स्टेशन पर चांदी के गहने बरामद, पश्चिम बंगाल की रहने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार
  • Bihar Crime: बक्सर स्टेशन पर चांदी के गहने बरामद, पश्चिम बंगाल की रहने वाली दो महिलाएं गिरफ्तार

  • जमीन विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप : दो पक्षों के बीच जमकर चली लाठियां, एक दर्जन लोग जख्मी
  • जमीन विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप : दो पक्षों के बीच जमकर चली लाठियां, एक दर्जन

  • Mokama-Bakhtiyarpur Four-Lane Accident
  • मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक चालक की मौत, इन सबकी हालत गंभीर

  • बगहा को जल्द ही हर साल आने वाले बाढ़ से मिलेगी निजात, गंडक नदी से गाद निकालने और 80 किमी लंबे तटबंध निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
  • बगहा को जल्द ही हर साल आने वाले बाढ़ से मिलेगी निजात, गंडक नदी से गाद निकालने और

  • Hardeep Singh Puri
  • एमएलसी चुनाव में मिली जोरदार जीत तो राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी को बनाया

Health Warning: फल खाने से पहले सावधान, जहर बन गए हैं फ्रूट्स! केमिकल से पकाए जा रहे आम-केले, सेहत पर हो रहा जानलेवा हमला, मेडिकल रिपोर्ट ने खोली ये खौफनाक सच्चाई

Health Warning: फल खाना आम तौर पर सेहत के लिए लाभदायत माना जाता है, लेकिन अब यही फल जहर का सबब बनते जा रहे हैं।

Toxic fruits alert chemically ripened
जहरीले केमिकल से पक रहे फल- फोटो : social Media

Toxic fruits alert chemically ripened: फल खाना आम तौर पर सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है, लेकिन अब यही फल जहर का वजह बनते जा रहे हैं। मेडिकल और फूड सेफ्टी रिपोर्ट्स के मुताबिक बाजार में बिकने वाले कई फल खतरनाक केमिकल्स के जरिए जल्दी पकाए जा रहे हैं, जो शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया  ने साफ हिदायत दी है कि कैल्शियम कार्बाइड जैसे जहरीलेमाद्दे का इस्तेमाल पूरी तरहबैन है।  कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली गैस एसिटिलीन शरीर के अंदर जाकर टॉक्सिसिटी (विषाक्तता) पैदा करती है, जिससे मरीज को उल्टी, जी मिचलाना, सर दर्द  और स्किन एलर्जी जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि कुछ कारोबारी एथिफॉन  के घोल में फलों को डुबोकर उन्हें जल्दी पकाने की कोशिश कर रहे हैं। यह तरीका भी सेहत के लिहाज से हानिकारक माना गया है। हालांकि, एथिलीन गैस का इस्तेमाल मुकम्मल तौर पर मना नहीं है, लेकिन इसे भी सिर्फ तयशुदा मेडिकल और सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत ही इस्तेमाल करने की इजाज़त है।  डॉक्टरों के मुताबिक इससे गले में जलन , निगलने में दिक्कत  और यहां तक कि नर्वस सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है।

सरकार ने साफ कर दिया है कि सिर्फ एथिलीन गैस, वो भी तय मेडिकल और सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत ही इस्तेमाल की जा सकती है। यह गैस नेचुरल रिपनिंग प्रोसेस को सपोर्ट करती है और इंसानी सेहत के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के बाद अब फूड सेफ्टी अफसरों को मंडियों, गोदामों और थोक बाजारों में सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी शक होगा, वहां छापेमारी  कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खास टेस्ट पेपर के जरिए यह जांच की जाएगी कि फल आर्टिफिशियल तरीके से पकाए गए हैं या नहीं।अब खास टेस्ट पेपर के जरिए फलों की जांच भी की जाएगी, जिससे यह मालूम किया जा सकेगा कि फल नैचुरल तरीके से पके हैं या आर्टिफिशियल तौर पर। यानी अब बाजार में बिकने वाले फलों पर मेडिकल निगरानी और भी सख्त हो गई है, जनता की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।

NSIT
Nsmch

मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे फल खाने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर, स्किन डिजीज और रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए आम जनता को चाहिए कि फल खरीदते वक्त सतर्क रहें ज्यादा चमकीले, जल्दी पके या असामान्य रंग वाले फलों से परहेज करें, क्योंकि आपकी सेहत के साथ जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।