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Health News:तांबे या स्टेनलेस स्टील की बोतल, कौन सी सेहत के लिए ज़्यादा सुरक्षित, जानना जरुरी है

Health News: हम जिस बोतल में पानी पीते या स्टोर करते हैं, क्या वह हमारी सेहत के लिए वाक़ई महफ़ूज़ है?

Copper or stainless steel bottle which is safer
तांबे या स्टेनलेस स्टील की बोतल, कौन सी सेहत के लिए ज़्यादा सुरक्षित- फोटो : social Media

Health News: पानी इंसानी जिस्म के लिए ज़रूरी नहीं, बल्कि जीवन की बुनियाद है। मेडिकल साइंस के मुताबिक़ इंसान के शरीर का क़रीब 60-70 फ़ीसदी हिस्सा पानी पर मुश्तमिल होता है। यही वजह है कि सही हाइड्रेशन बनाए रखना सेहतमंद ज़िंदगी के लिए लाज़िमी माना जाता है। आज के दौर में जब हम घर से बाहर निकलते हैं, तो पानी की बोतल साथ रखना हमारी रोज़मर्रा की आदत बन चुकी है चाहे बच्चे स्कूल जा रहे हों या बड़े दफ़्तर। लेकिन सवाल यह है कि हम जिस बोतल में पानी पीते या स्टोर करते हैं, क्या वह हमारी सेहत के लिए वाक़ई महफ़ूज़ है?

मेडिकल और आयुर्वेदिक दोनों नज़रियों से देखा जाए तो तांबे की बोतल को सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेद में तांबे को इसके एंटीमाइक्रोबियल और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। जब पानी को 6 से 8 घंटे तक तांबे के बर्तन में रखा जाता है, तो उसमें तांबे का सूक्ष्म अंश घुल जाता है। यह पानी इम्यून सिस्टम को मज़बूत करता है, बैक्टीरिया की ग्रोथ रोकता है और डाइजेस्टिव एंज़ाइम्स को एक्टिव करता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह थायरॉइड ग्लैंड के लिए भी मुफ़ीद हो सकता है, क्योंकि तांबा हार्मोनल बैलेंस में मदद करता है। इसके अलावा, तांबा फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज़ कर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करता है, जिससे एजिंग की रफ़्तार धीमी पड़ती है।

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हालांकि, तांबे की बोतल का इस्तेमाल एहतियात के साथ करना ज़रूरी है। ज़्यादा तांबा जिस्म में जाने से मतली, उल्टी या लिवर पर बुरा असर पड़ सकता है। एसिडिक ड्रिंक्स, जैसे नींबू पानी, तांबे की बोतल में रखने से नुकसान हो सकता है। बोतल की सफ़ाई भी अहम है नींबू, नमक या सिरके से हल्के हाथों साफ़ करना बेहतर रहता है।

वहीं दूसरी तरफ़ स्टेनलेस स्टील की बोतलें मेडिकल लिहाज़ से ज़्यादा न्यूट्रल और हाइजीनिक मानी जाती हैं। इनमें कोई अतिरिक्त न्यूट्रिएंट नहीं निकलता, लेकिन ये पानी को किसी भी हानिकारक केमिकल से दूषित नहीं करतीं। फूड-ग्रेड स्टील (304 या 316) की बोतलें सेफ, टिकाऊ और 100 फ़ीसदी रीसायक्लेबल होती हैं। कुछ बोतलों में इंसुलेशन होता है, जो पानी को लंबे वक़्त तक ठंडा या गर्म रखता है। हां, निकेल एलर्जी वाले लोगों को स्टील बोतल चुनते समय सतर्क रहना चाहिए।

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अगर आप आयुर्वेदिक फ़ायदे चाहते हैं और रेगुलर मेंटेनेंस के लिए तैयार हैं, तो तांबे की बोतल आपके लिए बेहतर है। लेकिन अगर आप कम झंझट, ज़्यादा सेफ और ट्रैवल-फ्रेंडली ऑप्शन चाहते हैं, तो मेडिकल एक्सपर्ट्स स्टेनलेस स्टील की बोतल को ज़्यादा महफ़ूज़ मानते हैं। सही बोतल का चुनाव आपकी सेहत की हिफ़ाज़त का अहम क़दम है।