LATEST NEWS

  • Begusarai Man Arrested for Forcibly Filling Vermilion in Market
  • Bihar Crime News: भरी बाजार युवती के मांग में प्रेमी ने भरी मांग, पुलिस ने आशिक की थाने

  • Bihar  Food Safety Raid: फूड सेफ्टी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 200 किलो दुर्गंधयुक्त स्पंज और एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक जब्त
  • Bihar Food Safety Raid: फूड सेफ्टी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 200 किलो दुर्गंधयुक्त स्पंज और एक्सपायरी कोल्ड

  • BiharED Probe IAS Anand Kishor Seeks Time 6 Officers Under Scanner tender Scam
  • Bihar tender Scam: ED के सामने पेश नहीं हुए IAS आनंद किशोर, एक के बाद एक कई बड़े

  • Patna High Court
  • Patna High Court: बिना कानूनी आदेश के घर उजाड़ने पर सरकार को देना होगा इतने लाख रुपये

  • Bihar Road Accident: 20 फीट गहरे तालाब में समाई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो, एक की मौत, दूसरे की तलाश जारी
  • Bihar Road Accident: 20 फीट गहरे तालाब में समाई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो, एक की मौत, दूसरे की तलाश

झारखंड में आज आधी रात से बालू खनन पर रोक : एनजीटी के आदेश पर 15 अक्टूबर तक बंद रहेंगे घाट, जानिए क्या है वजह

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्थायी आदेश के आलोक में मानसून को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम सहित पूरे झारखंड में बुधवार रात 12 बजे से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा...

झारखंड में आज आधी रात से बालू खनन पर रोक : एनजीटी के आदेश पर
आज रात से बालू खनन पर रोक- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

Jharkhand : पूरे झारखंड में आज बुधवार की रात 12 बजे के बाद से बालू खनन (Sand Mining) पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। मानसून और बरसात के मौसम को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्थायी आदेश के तहत यह कदम उठाया गया है, जिसका हर साल कड़ाई से पालन किया जाता है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए आगामी 15 अक्टूबर तक राज्य के किसी भी घाट से बालू निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।


पूर्वी सिंहभूम में सिर्फ 11 दिन ही चल सका वैध बालू खनन का काम

इस रोक के कारण पूर्वी सिंहभूम जिले के लोगों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि यहां इस सीजन में मात्र 11 दिन ही वैध चालान पर बालू निकालने का काम चल सका। जिले के दो प्रमुख बालू घाटों—कारिया मोहनपाल और स्वर्णरेखा कारिया मोहनपाल घाट पर बीते 31 मई से ही बालू का खनन विधिवत शुरू हो पाया था। 30 मई को कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) मिलने के बाद 31 मई को जिला खनन पदाधिकारी ने चालान जारी कर खनन की अनुमति दी थी, जो अब बंद होने जा रही है।


एजेंसी कर रही है बालू का स्टॉक, 16 अक्टूबर से दोबारा शुरू होगा काम

संबंधित कार्यदायी एजेंसी को दोनों बालू घाटों को मिलाकर कुल 81 हेक्टेयर क्षेत्र में बालू निकालने की अनुमति मिली है। चूंकि बरसात में खनन बंद रहेगा, इसलिए एजेंसी वर्तमान में स्टॉक यार्ड में बालू जमा करने के काम में जुटी है ताकि मानसून के दौरान आपूर्ति बाधित न हो। राहत की बात यह है कि एजेंसी को 5 साल के लिए सीटीओ जारी किया गया है, जिसके कारण आगामी 16 अक्टूबर से इन घाटों पर स्वतः दोबारा बालू का खनन और उठाव शुरू हो जाएगा।


तकनीकी दिक्कतों और सीटीओ की वजह से साल भर अटका रहा टेंडर

पूर्वी सिंहभूम जिले में बालू खनन के लिए टेंडर की प्रक्रिया पिछले साल ही पूरी कर ली गई थी, लेकिन तकनीकी पेचीदगियों और पर्यावरण विभाग की ओर से 'कंसेंट टू ऑपरेट' (CTO) जारी नहीं होने की वजह से मामला महीनों तक अधर में लटका रहा। पिछले महीने जिला उपायुक्त (DC) द्वारा संबंधित एजेंसी के साथ एकरारनामा (Agreement) किए जाने के बावजूद 30 मई तक सीटीओ के लिए इंतजार करना पड़ा, जिससे चालू सीजन में खनन का समय बेहद कम मिला।


नियमों में बदलाव से आई तेजी: अब उपायुक्त को मिला अधिकार

NSIT
Nsmch

इस मामले में प्रशासनिक तेजी तब आई जब राज्य सरकार ने बालू घाटों के आवंटन और एकरारनामा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया। इससे पहले तक खनन विभाग ही सीधे तौर पर एकरारनामा की प्रक्रिया पूरी करता था, जिससे फाइलें दबी रहती थीं। सरकार ने यह अधिकार बदलकर सीधे जिले के उपायुक्त (DC) को सौंप दिया, जिसके बाद पूर्वी सिंहभूम में फाइलों का निपटारा तेजी से हुआ और सालों से ठप पड़ा वैध खनन का रास्ता साफ हो सका।