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वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को मजबूर लोग

गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण वैशाली जिले के हाजीपुर में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। दोनों नदियों का पानी तेजी से निचले इलाकों में प्रवेश कर रहा है, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है।

वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जल
वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण वैशाली जिले के हाजीपुर में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। दोनों नदियों का पानी तेजी से निचले इलाकों में प्रवेश कर रहा है, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है। नदियों के इस रौद्र रूप से तटीय इलाकों में रहने वाली बड़ी आबादी के सामने सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

डीआरसीसी और आईटीआई परिसर जलमग्न, आवागमन बाधित

बाढ़ के पानी का दायरा अब प्रशासनिक और शैक्षणिक संस्थानों तक फैल चुका है। हाजीपुर के हरिवंशपुर स्थित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) और आईटीआई (ITI) परिसर में कई फीट पानी भर गया है, जिससे सरकारी कामकाज और शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप्प हो गई हैं। इसके अलावा महात्मा गांधी सेतु के नीचे का पूरा क्षेत्र जलमग्न हो चुका है और सड़कों पर पानी की तेज धार बह रही है।

वार्ड नंबर 43 में 1700 घर प्रभावित, सड़कों पर शरण लेने को मजबूर पीड़ित

बाढ़ का सबसे भीषण असर रिहायशी इलाकों पर देखने को मिल रहा है। वार्ड नंबर 43 के स्थानीय पार्षद के अनुसार अकेले उनके वार्ड में लगभग 1700 घर बाढ़ के पानी से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। घरों में पानी घुस जाने के बाद लोग अपने सामान व मवेशियों को बचाते हुए गांव छोड़कर सड़कों के किनारे और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

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राहत-बचाव के लिए नावों की व्यवस्था, शहर की ओर फैल रहा पानी

प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा नावों की व्यवस्था की जा रही है। जलमग्न इलाकों में फंसी आबादी को नाव के सहारे निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, नदियों के जलस्तर में लगातार हो रहे इजाफे के कारण बाढ़ का पानी अब हाजीपुर शहर के अंदरूनी इलाकों की ओर रुख कर रहा है, जिससे पूरे शहर में दहशत का माहौल है।

जलस्तर में और वृद्धि से गहरा सकता है मानवीय संकट

गंगा और गंडक नदी के उफान से स्थिति पल-पल भयावह होती जा रही है। यदि नदियों का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो आने वाले घंटों में स्थिति और अधिक बेकाबू हो सकती है। जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी से हाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों में हजारों अतिरिक्त परिवारों के बेघर होने और भीषण मानवीय संकट पैदा होने का खतरा बना हुआ है।

रिषभ की रिपोर्ट