LATEST NEWS

  • Bihar Weather
  • Bihar Weather: बिहार में दुर्गा पूजा के दौरान सुबह गुलाबी ठंड, दोपहर में तपिश, जानें कब बदलेगा मिजाज

  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर सेवा से ईको-टूरिज्म को लगेंगे पंख
  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर

  • Kolkata Durga Puja Stampede: चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़, कई लोग घायल, सप्तमी के दिन हादसा
  • Kolkata Durga Puja Stampede: चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़, कई लोग घायल, सप्तमी के दिन हादसा

  • Bihar News : भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने बक्सर से उठाया, इस मामले में हुई गिरफ़्तारी
  • Bihar News : भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने बक्सर से

  • दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद मोहन, कहा राजपूत समाज का हो रहा क्रमबद्ध कत्लेआम
  • दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद

Jharkhand Politics : झारखंड के शिक्षा मंत्री ने दिया विवादित बयान, कहा झारखंड में आज भी मौजूद हैं गोरी चमड़ी वाले अंग्रेज, मचा बवाल

Jharkhand Politics :झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने तिलका मांझी जयंती समारोह के अवसर पर कहा कि झारखंड में आज भी गोरी चमड़ी वाले अंग्रेज मौजूद है। उन्हें खत्म करने की जरुरत है... पढ़िए आगे

Jharkhand Politics : झारखंड के शिक्षा मंत्री ने दिया विवादित
शिक्षा मंत्री का विवादित बयान - फोटो : SOCIAL MEDIA

RANCHI : झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी प्रखंड के सुरदा क्रॉसिंग चौक पर तिलका मांझी जयंती के अवसर पर विवादित बयान दिया है। तिलका मांझी जयंती पर मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के दौरान रामदास सोरेन ने कहा कि आज भी प्रदेश में गोरी चमड़ी वाले अंग्रेज मौजूद हैं। ऐसे लोगों को पहचान कर तिलका मांझी के रास्ते पर चलकर उन्हें खत्म करने की जरुरत है। उन्होंने आगे कहा कि जो भी हमारे विरुद्ध काम करेगा वो अंग्रेजी हुकूमत के बराबर काम करेगा। 

आदिवासियों को किया था एकजुट

मंत्री रामदास सोरेन ने इसी सभा में कहा कि जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए बाबा तिलका मांझी ने आंदोलन किया। उन्होंने अंग्रजी हुकमत के विरुद्ध लड़ाई लड़ा और अंग्रेजों के द्वारा किए गए अन्याय का हमेशा से विरोध किया। बाबा तिलका मांझी ने अंग्रजों के विरोध में आवाज बुलंद की और उसके अत्याचार का विरोध किया। जब अंग्रजी हुकूमत ने किसानों को धान की खेती छोड़कर नील की खेती करने के लिए दबाव बनाया तो तिलका मांझी ने आदिवासियों को एकजुट करते हुए अंग्रजों को पूरजोर विरोध किया।

तिलका मांझी प्रेरणा के श्रोत

रामदास दास सोरेन ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि बाबा तिलका मांझी ने अपनी तीर से अंग्रेजी हुकूमत के अधिकारी को छलनी किया। उन्होंने कई बार अंग्रेजी हुकूमत के साथ मुकाबला किया। शिक्षा मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि हमें आज बाबा तिलका मांझी के विचारों से प्रेरणा लेने की जरुरत है और शोषण के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करने और संकल्प लेने की जरुरत है।

संथाल विद्रोह की करी थी शुरुआत

बताते चलें कि इतिहासकार 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ हुए विद्रोह को पहला विद्रोह मानते हैं, लेकिन झारखंड में 1857 से पहले ही अंग्रेजों के खिलाफ कई विद्रोह हो चुके थे, इनमें संथाल विद्रोह,चुआड़ विद्रोह आदि शामिल हैं। आजादी के लिए विद्रोह करने वालों में एक नाम तिलका मांझी का भी है, जिन्होंने संथाल विद्रोह की शुरुआत की थी।

NSIT
Nsmch

अभिषेक-सुमन की रिपोर्ट