LATEST NEWS

  • नवादा में मंत्री विजय सिन्हा ने NDA प्रत्याशियों के समर्थन में भरी हुंकार, स्नातक और शिक्षक मतदाताओं से की समर्थन की अपील
  • नवादा में मंत्री विजय सिन्हा ने NDA प्रत्याशियों के समर्थन में भरी हुंकार, स्नातक और शिक्षक मतदाताओं से

  • Bihar News : हंसुआ के बियाह में खुरपा का गीत...राघोपुर नाव हादसे पर सवाल पूछने पर भड़के केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी
  • Bihar News : हंसुआ के बियाह में खुरपा का गीत...राघोपुर नाव हादसे पर सवाल पूछने पर भड़के केंद्रीय

  • वैशाली नाव हादसा: पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश पहुंचे राघोपुर, कहा-सिर्फ तबादले से नहीं चलेगा काम, होगी मुकम्मल कार्रवाई
  • वैशाली नाव हादसा: पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश पहुंचे राघोपुर, कहा-सिर्फ तबादले से नहीं चलेगा काम, होगी मुकम्मल

  • Bihar MLC Election news
  • बिहार विधान परिषद चुनाव:एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में बिक्रम प्रखंड में जोरदार जनसंपर्क, अतुल कुमार ने की अपील

  • Bihar News : गया में डूब रही चार महिलाओं की जान बचाने वाले दो वीर बालकों को डीएम ने किया सम्मानित, जमकर की सराहना
  • Bihar News : गया में डूब रही चार महिलाओं की जान बचाने वाले दो वीर बालकों को डीएम

सावधान! थाईलैंड में जॉब का झांसा और फिर जबरन साइबर ठगी CID ने मास्टरमाइंड को दबोचा

सीआईडी (CID) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे एक खतरनाक साइबर स्लेवरी और मानव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

cid international cyber slavery human trafficking gang buste
सावधान! थाईलैंड में जॉब का झांसा और फिर जबरन साइबर ठगी CID ने मास्टरमाइंड को दबोचा - फोटो : news 4 nation

झारखंड सीआईडी (CID) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे एक खतरनाक साइबर स्लेवरी और मानव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईडी की टीम ने जमशेदपुर के आजादनगर से सरताज आलम नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह झारखंड और आसपास के राज्यों के बेरोजगार युवाओं को प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों में आकर्षक नौकरी का लालच देकर विदेश भेजता था, जहाँ उन्हें बंधक बना लिया जाता था।

नौकरी के नाम पर 'साइबर गुलाम' बनाने का खेल

Diarch GO

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी युवाओं को डाटा एंट्री और अन्य आसान कामों के लिए ऊंचे वेतन का झांसा देते थे। विदेश भेजने के नाम पर इन युवाओं से वीजा और टिकट के लिए मोटी रकम भी वसूली जाती थी। लेकिन बैंकॉक या कंबोडिया पहुंचने के बाद इन युवाओं की असलियत से सामना होता था। उन्हें वहां के 'स्कैम सेंटर्स' (Scam Centers) में रखा जाता था और जबरन ऑनलाइन ठगी के काम में लगा दिया जाता था, जिसे 'साइबर स्लेवरी' कहा जाता है।

डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर ठगी

सीआईडी के अनुसार, इन युवाओं को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाने और व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम के जरिए लोगों को फंसाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। उनसे जबरन इन्वेस्टमेंट घोटाला, डिजिटल अरेस्ट और विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड करवाए जाते थे। युवाओं पर दबाव बनाया जाता था कि वे फर्जी लिंक भेजकर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाएं। इनकार करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था और बंधक बनाकर रखा जाता था।

NSIT
Nsmch

कानूनी कार्रवाई और सीआईडी की अपील

इस गिरोह के खिलाफ रांची के साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही, विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी दिलाने वाले अनधिकृत एजेंटों के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।