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Ammar Yashar: 10 साल जेल में रहा, बाहर निकला और फिर... जानें क्या है धनबाद से दबोचे गए अम्मार याशर की क्राइम कुंडली

Ammar Yashar
धनबाद से दबोचे गए अम्मार याशर की क्राइम कुंडली - फोटो : NEWS 4 NATION

N4N डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल हुए आतंकी हमले के 10 दिन पूरे हो गए है. इस आतंकी हमले में पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने बेगुनाह पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर गोली मार दी थी. इस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इस खौफनाक हमले के बाद जांच एजेंसियां पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुकी हैं. देश के हर कोने में आतंक के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। इसी सघन तलाशी अभियान के दौरान झारखण्ड आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी एक नाम जो पहले इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका था, फिर से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया. यह कोई और नहीं बल्कि अम्मार याशर है. अम्मार झारखंड के धनबाद जिले के शमशेर नगर इलाके में छिपा हुआ था. गुरुवार को जब ATS की टीम ने वहां दबिश दी, तो अम्मार को काबू में ले लिया गया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह सिर्फ हिज्ब-उल-तहरीर से जुड़ा आतंकी ही नहीं, बल्कि इंडियन मुजाहिदीन (IM) का भी पुराना सदस्य रह चुका है.

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10 साल काटी जेल की सजा 

पूर्व  में अम्मार को साल 2014 में राजस्थान के जोधपुर में गिरफ्तार किया गया था. उसने अपनी जिंदगी के 10 साल जेल में बिताए, मई 2024 में जमानत पर रिहा किया गया। लेकिन जेल से बाहर निकलने के बाद उसकी राह नहीं बदली. पुराने संपर्क फिर से सक्रिय हुए और हिज्ब-उल-तहरीर (एचयूटी) के सदस्यों के साथ फिर से संपर्क किया।फिर उसने दोबारा आतंकी नेटवर्क में अपनी जगह बना ली. दरअसल विगत दिनों एचयूटी के कुछ लोगों को हाल ही में एटीएस ने गिरफ्तार किया था। AQIS के चार आतंकियों गुलफाम हसन, अयान जावेद, मोहम्मद शहजाद आलम और शबनम परवीन शामिल हैं. इन सभी की उम्र 20 से 21 साल के बीच है.इनमें पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार पूछताछ के दौरान, जब अयान जावेद ने अम्मार याशर का नाम लिया.अब, उसे अदालत में पेश किया गया है और दोबारा जेल भेज दिया गया है. 


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अयान के पास से बरामद कुछ संदिग्ध दस्तावेज इस बात का सबूत थे कि न सिर्फ अयान बल्कि अम्मार भी हिज्ब-उल-तहरीर जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य है. इन दस्तावेजों में दोनों के आपसी संबंध और नेटवर्क की परतें दर्ज थीं. इसी सुराग को पकड़ते हुए ATS ने गुरुवार को धनबाद के शमशेर नगर इलाके में छापा मारा, और आखिरकार अम्मार याशर को दबोच लिया गया. विदित हो कि इन चारो की गिरफ्तारी का  पूरा ऑपरेशन झारखण्ड के धनबाद में  26 अप्रैल को  ATS ने बेहद गुप्त तरीके से अंजाम दिया जिसके  तहत हिज्ब-उल-तहरीर और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट के चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया.
 

पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने बताया कि धनबाद से जुड़े केस में पांचवें संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है, जिसका नाम अम्मार यसार है। वह हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़कर राष्ट्र विरोधी कार्यों में लिप्त था। अम्मार याशर को पूर्व में गिरफ्तार अयान जावेद की  निशानदेही पर पकड़ा गया है।इन आरोपितों के पास से दो पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस,प्रतिबंधित संगठन से संबंधित कई किताबें और दस्तावेज के साथ आधा दर्जन से अधिक मोबाइल सेट और लैपटॉप बरामद किए गए थे।