Bihar Vidhansabha Chunav 2025: आचार संहिता के बाद भी अवैध कारोबार जारी, चुनाव आयोग की कार्रवाई में 1 दिन में 1.40 करोड़ जब्त, शराब और ड्रग्स भी बरामद
Bihar Vidhansabha Chunav 2025: विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र राज्य में आचार संहिता लागू होने के बावजूद अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाए हैं।

Bihar Vidhansabha Chunav 2025: विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र राज्य में आचार संहिता लागू होने के बावजूद अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाए हैं। शराब, नकद, नशीले पदार्थ और मुफ्त बांटी जाने वाली वस्तुओं के वितरण को रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चला रही हैं।
चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि मतदाता को किसी भी तरह के लालच या प्रलोभन से प्रभावित नहीं किया जा सकता। इसके लिए पूरे राज्य में न केवल पुलिस बल बल्कि स्पेशल ब्रांच, आबकारी विभाग, नारकोटिक्स ब्यूरो, आयकर विभाग, सीमा शुल्क विभाग और फ्लाइंग-स्टैटिक सर्विलांस टीमें एक साथ सक्रिय हैं। ये टीमें चेकपोस्ट, रूट चेकिंग और सघन छापेमारी के जरिए अवैध गतिविधियों पर सख्ती बरत रही हैं।
कल 25 अक्टूबर को सिर्फ 24 घंटे में ही चुनाव आयोग की टीम ने कुल 140.5 लाख रुपये मूल्य की जब्ती की। इसमें शामिल हैं:
नकद राशि: 24.3 लाख
शराब: 100.8 लाख
नशीले पदार्थ: 1.922 लाख
फ्रीबीज़ और अन्य वस्तुएं: 13.6 लाख
आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक कुल जब्ती 8582 लाख रुपये की हुई है। इसमें शामिल हैं:
नकद राशि: 768.5 लाख
शराब: 3282 लाख
नशीले पदार्थ: 2005 लाख
कीमती धातु: 554 लाख
फ्रीबीज़/अन्य वस्तुएं: 1972 लाख
ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर अवैध तैयारी चल रही थी।
चुनाव आयोग ने कुल 3,42,870 बंध पत्र जारी किए हैं, 886 गिरफ्तारियां हुई हैं, 17,813 गैर-जमानती वारंट निपटाए गए हैं, 1,040 चेकपोस्ट सक्रिय किए गए हैं और 523 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती मतदाता को निष्पक्ष माहौल देना है। पैसे, शराब, उपहार या धमकी के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करना लोकतंत्र के खिलाफ है। किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर आयोग तत्काल कार्रवाई करेगा और दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी।
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि बिहार में चुनावी सुरक्षा, कानून और आचार संहिता के पालन के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। सभी एजेंसियां मिलकर सुनिश्चित कर रही हैं कि हर मतदाता स्वतंत्र रूप से और बिना किसी दबाव के मतदान कर सके।















