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Bihar Vidhansabha Chunav 2025: 121 सीटों पर आज संग्राम, 2010 से 2020 तक किसका रहा जलवा, दो डिप्टी CMs का इम्तिहान, पहले फेज की सियासत का जानिए हिसाब-किताब

Bihar Vidhansabha Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है।इन सीटों पर पिछले चुनावों में किसका दबदबा रहा और किसका कद सिकुड़ गया?

121 Seats at Stake Today Who Ruled 2010 20 Who Faded
पहले फेज की सियासत का जानिए हिसाब-किताब- फोटो : social Media

Bihar Vidhansabha Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आज 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान कुछ हीं देर में शुरु होने वाला  है। सुबह से ही बूथों पर मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए कतार बद्ध हैं। इस चरण में सीवान, पटना, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा और नालंदा की सीटें शामिल हैं।

इस बार कई सीटें हाई-प्रोफाइल बन चुकी हैं-तारापुर, अलीनगर, सरायरंजन, मोकामा और लखीसराय पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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पटना प्रमंडल: 14 सीटों की बड़ी परीक्षा

2020 में इन 14 में 9 सीटें एनडीए और 5 सीटें महागठबंधन को मिली थीं। इस बार ब्रिकम सीट पर बीजेपी के सिद्धार्थ गौतम मुकाबले को और दिलचस्प बना रहे हैं, जिससे गठबंधन को अतिरिक्त मजबूती बताई जा रही है।

दरभंगा—10 सीटें और 4 हाई-प्रोफाइल मुकाबले

पिछली बार दरभंगा में एनडीए ने 10 में 9 सीटें जीती थीं।

जाले सीट पर नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा (भाजपा) बनाम कांग्रेस उम्मीदवार ऋषि मिश्रा

अलीनगर सीट लोक गायिका मैथिली ठाकुर की उम्मीदवारी से चर्चा में

दरभंगा शहरी से मंत्री संजय सरावगी बनाम जन सुराज के आर.के. मिश्रा व वीआईपी के उमेश साहनी

बहादुरपुर में मंत्री मदन सहनी के सामने राजद के भोला यादव

समस्तीपुर में सरायरंजन और उजियारपुर मुकाबले का केंद्र

सरायरंजन से मंत्री विजय चौधरी (जदयू) बनाम राजद के अरविंद साहनी

उजियारपुर से आलोक मेहता (राजद) के सामने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रशांत पंकज

मुकेश सहनी के महागठबंधन में आने से मल्लाह वोट में हलचल हुई है, लेकिन महिला वोटरों का झुकाव अब भी एनडीए की ओर माना जा रहा है। वहीं चार मंत्रियों की एक्टिव मौजूदगी—सरावगी, चौधरी, जीवेश मिश्रा और मदन सहनी—एनडीए की स्थिति को मजबूत करती दिख रही है।

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मधेपुरा और सहरसा में पारंपरिक जंग

मधेपुरा से पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर (राजद) बनाम कविता कुमारी शाह (जदयू)

आलमनगर में जदयू के नरेन्द्र नारायण यादव फिर मैदान में सहरसा और आलमनगर सीटों पर एनडीए का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

मुंगेर प्रमंडल—दो डिप्टी CMs का इम्तिहान

तारापुर से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी बनाम राजद के अरुण कुमार

लखीसराय से डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा बनाम कांग्रेस के अमरेश कुमार

चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की मौजूदगी ने एनडीए का सामाजिक समीकरण मज़बूत किया है।

नालंदा—नीतीश का सुरक्षित किला

7 में से 6 सीटें 2020 में एनडीए के पास थीं। इस बार भी नीतीश कुमार का गृह ज़िला एनडीए का सबसे मज़बूत गढ़ माना जा रहा है। महागठबंधन ने भूमिहार वोट बैंक को साधने के लिए टिकट वितरण में बदलाव किए हैं।

महिला मतदाता फिर 'साइलेंट कार्ड' बन सकती हैं.एनडीए के पास मज़बूत उम्मीदवार, कई मंत्री मैदान मेंहैं।चिराग और कुशवाहा की ताक़त से सामाजिक आधार विस्तृत होने की उम्मीद है।कई सीटें त्रिकोणीय मुकाबले में फंस सकती हैं।

2020 की तरह पहले चरण में एनडीए की पकड़ मजबूत मानी जा रही है। लेकिन कुछ सीटें कड़े मुकाबले वाली हैं, जहाँ परिणाम वोटिंग प्रतिशत और महिला वोटरों के रुझान से तय होंगे।

2020 में इन 14 में 9 सीटें एनडीए और 5 सीटें महागठबंधन को मिली थीं। इस बार ब्रिकम सीट पर बीजेपी के सिद्धार्थ गौतम मुकाबले को और दिलचस्प बना रहे हैं, जिससे गठबंधन को अतिरिक्त मजबूती बताई जा रही है।

दरभंगा—10 सीटें और 4 हाई-प्रोफाइल मुकाबले

पिछली बार दरभंगा में एनडीए ने 10 में 9 सीटें जीती थीं।

जाले सीट पर नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा (भाजपा) बनाम कांग्रेस उम्मीदवार ऋषि मिश्रा

अलीनगर सीट लोक गायिका मैथिली ठाकुर की उम्मीदवारी से चर्चा में

दरभंगा शहरी से मंत्री संजय सरावगी बनाम जन सुराज के आर.के. मिश्रा व वीआईपी के उमेश साहनी

बहादुरपुर में मंत्री मदन सहनी के सामने राजद के भोला यादव

समस्तीपुर में सरायरंजन और उजियारपुर मुकाबले का केंद्र

सरायरंजन से मंत्री विजय चौधरी (जदयू) बनाम राजद के अरविंद साहनी

उजियारपुर से आलोक मेहता (राजद) के सामने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रशांत पंकज

मुकेश सहनी के महागठबंधन में आने से मल्लाह वोट में हलचल हुई है, लेकिन महिला वोटरों का झुकाव अब भी एनडीए की ओर माना जा रहा है। वहीं चार मंत्रियों की एक्टिव मौजूदगी—सरावगी, चौधरी, जीवेश मिश्रा और मदन सहनी—एनडीए की स्थिति को मजबूत करती दिख रही है।

मधेपुरा और सहरसा में पारंपरिक जंग

मधेपुरा से पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर (राजद) बनाम कविता कुमारी शाह (जदयू)

आलमनगर में जदयू के नरेन्द्र नारायण यादव फिर मैदान में सहरसा और आलमनगर सीटों पर एनडीए का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

मुंगेर प्रमंडल—दो डिप्टी CMs का इम्तिहान

तारापुर से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी बनाम राजद के अरुण कुमार

लखीसराय से डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा बनाम कांग्रेस के अमरेश कुमार

चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की मौजूदगी ने एनडीए का सामाजिक समीकरण मज़बूत किया है।

नालंदा—नीतीश का सुरक्षित किला

7 में से 6 सीटें 2020 में एनडीए के पास थीं। इस बार भी नीतीश कुमार का गृह ज़िला एनडीए का सबसे मज़बूत गढ़ माना जा रहा है। महागठबंधन ने भूमिहार वोट बैंक को साधने के लिए टिकट वितरण में बदलाव किए हैं।

महिला मतदाता फिर 'साइलेंट कार्ड' बन सकती हैं.एनडीए के पास मज़बूत उम्मीदवार, कई मंत्री मैदान मेंहैं।चिराग और कुशवाहा की ताक़त से सामाजिक आधार विस्तृत होने की उम्मीद है।कई सीटें त्रिकोणीय मुकाबले में फंस सकती हैं।

2020 की तरह पहले चरण में एनडीए की पकड़ मजबूत मानी जा रही है। लेकिन कुछ सीटें कड़े मुकाबले वाली हैं, जहाँ परिणाम वोटिंग प्रतिशत और महिला वोटरों के रुझान से तय होंगे।