Budhwar Puja: बार बार बिगड़ रहे हैं काम और कुंडली में बुध ग्रह हैं कमजोर , बुधवार को करें ये जरुरी काम, मिलेगी सफलता चहुं ओर

Budhwar Puja: बुध ग्रह अशुभ स्थिति में होता है, तो मानसिक भ्रम और वाणी की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।....

Budhwar Puja
मिलेगी सफलता चहुं ओर- फोटो : social Media

Budhwar Puja: बुध ग्रह को ज्योतिष में बुद्धि, संवाद और व्यापार का देवता माना जाता है। यह ग्रह व्यक्ति के मानसिक विकास, वाणी और तर्कशक्ति को प्रभावित करता है। जब बुध शुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति में बुद्धिमत्ता और समझ का विकास होता है। जब कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है, तो यह व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। ऐसे में बुधवार का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से बुध ग्रह की स्थिति को मजबूत किया जा सकता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए जा सकते हैं। 

गणेश भगवान की पूजा करना और उन्हें दूर्वा अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।

Diarch GO

बुधवार के दिन तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। यह न केवल घर में सकारात्मकता लाता है, बल्कि बुध ग्रह की शुभता को भी बढ़ाता है। नियमित रूप से इसकी पूजा करें और जल चढ़ाएं।

गाय को हरा चारा खिलाने से भी बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। इसके साथ ही गरीबों को हरी चीजों का दान करना भी लाभकारी होता है।

NSIT
Nsmch

घर में चौड़े पत्ते वाले पौधे लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इसके अलावा, मुख्य द्वार पर पांच तरह के हरे पत्तों का तोरण बनाकर लगाने से भी लाभ होता है।

बुधवार के दिन माता दुर्गा की पूजा करते हुए दुर्गा चालीसा का पाठ करें। इससे जीवन में समृद्धि बनी रहती है और बुध ग्रह की मजबूती के लिए प्रार्थना करें।

पांच कौड़ियों को बहते जल में प्रवाहित करें और बुध की मजबूती की कामना करें। यह उपाय आपके सभी दोष दूर कर सकता है।

बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनने से भी बुध ग्रह को बल मिलता है। यदि संभव न हो तो हरे रंग के रूमाल का उपयोग करें। साथ हीं इस दिन किसी गरीब या दुर्बल व्यक्ति का अपमान न करें और दान-पुण्य करने पर ध्यान दें। बिना स्वार्थ के दान करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पूजा विधि:

बुधवार के दिन प्रातः उठकर स्नान करें और अपने घर की सफाई करें। पवित्र जल का छिड़काव करें ताकि वातावरण शुद्ध हो सके।किसी पवित्र स्थान पर भगवान बुध या गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इस स्थान को साफ-सुथरा रखें।

पूजा करते समय धूप, बेल-पत्र, अक्षत (चावल) और घी का दीपक जलाएं। यह पूजा के लिए आवश्यक सामग्री है।

मंत्र जाप:

बुध ग्रह की शांति के लिए निम्नलिखित मंत्र का जाप करें:

“ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नम:”

इसे 17, 5 या 3 बार जप माला के साथ जपें।

इस दिन केवल एक बार भोजन करना चाहिए। भोजन में नमक रहित मूंग से बनी चीजें जैसे मूंग का हलवा या लड्डू शामिल करें।पूजा के अंत में गुड़, भात और दही का प्रसाद बांटें तथा स्वयं भी प्रसाद ग्रहण करें।