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Rules of Thursday Fast: भगवान विष्णु करेंगे धन की वर्षा, गुरुवार को ऐसे करें बृहस्पति व्रत की पूजा

Rules of Thursday Fast: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है। बृहस्पतिवार को व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस दिन पीले वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जात

thursday fast
गुरुवार को करें बृहस्पति व्रत की पूजा- फोटो : social Media

Rules of Thursday Fast: बृहस्पति व्रत का महत्व गुरुवार को भगवान बृहस्पति की पूजा का विधान है। यह पूजा परिवार में सुख-शांति लाने के लिए की जाती है और जल्द विवाह के लिए भी इस दिन व्रत रखा जाता है। बृहस्पति देव की पूजा और व्रत बहुत ही नियमों के साथ किया जाता है।

पूजा की विधि

बृहस्पति व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र पहनें। घर में गंगाजल छिड़कें और पूजा घर में श्रीहरि विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।पीले रंग के गंध-पुष्प, अक्षत, चना, गुड़, मुनक्का आदि अर्पित करें।

मंत्र जप: 

“धर्मशास्तार्थतत्वज्ञ ज्ञानविज्ञानपारग। विविधार्तिहराचिन्त्य देवाचार्य नमोऽस्तु ते॥” का मंत्र का जप करें।

कथा सुनना: व्रत कथा पढ़ें या सुनें।

बृहस्पति देव का पूजन करने के लिए पीली वस्तुएं (जैसे हल्दी),चने की दाल,मुनक्का,पीले फूल,पीली मिठाई,केले का पेड़ का उपयोग करें। जल में हल्दी डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाएं।केले की जड़ में चने की दाल और मुनक्का चढ़ाएं।दीपक जलाकर पेड़ की आरती उतारें।

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 भोजन नियम दिन में एक समय ही भोजन करें। खाने में चने की दाल या पीली चीजें खाएं, नमक न खाएं, और पीले फलों का इस्तेमाल करें। कथा सुनना पूजन के बाद भगवान बृहस्पति की कथा सुननी चाहिए। यह कथा प्राचीन काल के एक राजा और रानी के बीच संवाद पर आधारित है, जिसमें रानी ने धन-संपत्ति खो दी थी लेकिन अंततः बृहस्पति देव की कृपा से पुनः समृद्धि प्राप्त की। मनोकामना पूर्ति इस प्रकार से विधिपूर्वक बृहस्पति देव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। श्रद्धा और विश्वास से किया गया यह व्रत व्यक्ति को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करता है।