लोकसभा से विपक्ष के 8 सांसदों के निलंबन पर आया बड़ा फैसला, कांग्रेस के मुख्य सचेतक ने व्यक्त किया खेद

3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान सदन में अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप में सात कांग्रेस और एक माकपा सांसद को निलंबित कर दिया गया था

Suspension of opposition MPs in Lok Sabha
Suspension of opposition MPs in Lok Sabha- फोटो : news4nation

Lok Sabha  : विपक्ष के 8 सांसदों के निलंबन को लेकर मंगलवार को लोकसभा में बड़ा फैसला आया। लोकसभा ने मंगलवार को ध्वनि मत के जरिए विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सदन में प्रस्ताव पेश किया, जिसे कांग्रेस के मुख्य सचेतक के. सुरेश द्वारा व्यक्त खेद के बाद मंजूरी मिली। इस प्रस्ताव का समर्थन समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले ने किया।


दरअसल, 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान सदन में अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप में सात कांग्रेस और एक माकपा सांसद को निलंबित कर दिया गया था। निलंबित सांसदों में मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और माकपा के एस. वेंकटेशन शामिल थे।

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निलंबन के बाद ये सभी सांसद संसद परिसर के मकर द्वार पर धरना दे रहे थे। इस बीच, लोकसभा सचिवालय ने संसद परिसर में अनुशासन बनाए रखने को लेकर एक बुलेटिन जारी किया। इसमें स्पष्ट किया गया कि परिसर में हथियार, झंडे, पोस्टर, लाठी-डंडे या अन्य आपत्तिजनक सामग्री लाना प्रतिबंधित है।


बुलेटिन में यह भी कहा गया कि कुछ मामलों में एआई-जनित आपत्तिजनक चित्र और नारे पोस्टरों पर प्रदर्शित किए गए थे, जो नियमों का उल्लंघन है। सांसदों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि भविष्य में किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।

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इससे पहले कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए ओम बिरला से सभी सांसदों का निलंबन रद्द करने की मांग की थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है।