सोनम वांगचुक को जेल से रिहा करने का फैसला ! केंद्र सरकार ने 170 दिनों बाद हटाया NSA

वांगचुक ने एनएसए के तहत निर्धारित हिरासत अवधि का लगभग आधा समय पूरा कर लिया था, जिसके बाद सरकार ने उनकी नजरबंदी समाप्त करने का फैसला लिया।

Sonam Wangchuk
Sonam Wangchuk - फोटो : news4nation

Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। केंद्र सरकार ने लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) को हटाते हुए उनकी हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया है। करीब छह महीने से अधिक समय से हिरासत में रह रहे वांगचुक की रिहाई को लद्दाख में तनाव कम करने और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है। जानकारी के मुताबिक वांगचुक ने एनएसए के तहत निर्धारित हिरासत अवधि का लगभग आधा समय पूरा कर लिया था, जिसके बाद सरकार ने उनकी नजरबंदी समाप्त करने का फैसला लिया। गौरतलब है कि लद्दाख में राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल किए जाने और भूमि व नौकरी से जुड़े अधिकारों की मांग को लेकर पिछले साल बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इन्हीं आंदोलनों के दौरान सितंबर 2025 में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

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बताया जाता है कि वांगचुक के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसक झड़पें हुई थीं। इसके दो दिन बाद 26 सितंबर को प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उन्हें हिरासत में ले लिया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें तुरंत जोधपुर की सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां वे करीब 170 दिनों से बंद थे। वांगचुक की रिहाई को लेकर उस समय कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई थी और उनकी गिरफ्तारी की आलोचना की थी।


इस बीच जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक प्रदीप लखावत ने बताया कि उन्हें फिलहाल प्रेस नोट के जरिए ही इस फैसले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक आदेश मिलने के बाद जेल नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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गौरतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत सरकार को ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लेने का अधिकार होता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा माना जाता है। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है।