'परसों जब काउंटिंग होगी तब देखिएगा...' राज्यसभा चुनाव पर संजय झा की रहस्यमयी चेतावनी, चिराग और सम्राट ने भी भरी हुंकार!

राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होने वाली वोटिंग से पहले बिहार की सियासत में उबाल आ गया है। एनडीए के तीन बड़े दिग्गजों ने एक सुर में विपक्ष के 'खेला' वाले दावों की हवा निकाल दी है।

'परसों जब काउंटिंग होगी तब देखिएगा...' राज्यसभा चुनाव पर संज

Patna - बिहार में राज्यसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, जुबानी जंग और सस्पेंस अपने चरम पर पहुँच गया है। रविवार को एनडीए के तीन प्रमुख चेहरों—संजय झा, चिराग पासवान और सम्राट चौधरी—ने मीडिया के सामने आकर जो दावे किए हैं, उसने विपक्षी खेमे में हलचल तेज कर दी है।

संजय झा का सस्पेंस: "कहां-कहां से लोग निकलेंगे, देखते रहिये"

जदयू के कद्दावर नेता संजय झा ने एक बड़ा सस्पेंस पैदा करते हुए कहा कि एनडीए न केवल चार, बल्कि पांचवीं सीट भी 'बड़े मार्जिन' से जीतने जा रही है। विपक्ष के संख्या बल के दावों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "परसों जब काउंटिंग होगी, तब देखिएगा कि कहां-कहां से लोग निकलकर आ रहे हैं"। उन्होंने तेजस्वी यादव के पिछले दावों की याद दिलाते हुए कहा कि वे तो सरकार बनाने और शपथ लेने का भी दावा करते थे, लेकिन हकीकत सबके सामने है।

चिराग पासवान: "पांचों सीटों पर जीत तय, कोई संदेह नहीं"

लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी जीत का शंखनाद करते हुए कहा कि बिहार की सभी पांचों सीटों पर एनडीए प्रत्याशी ही राज्यसभा पहुंचेंगे। चिराग ने कहा कि एनडीए के पास पूर्ण बहुमत और अटूट एकजुटता है, इसलिए किसी भी प्रकार के 'खेला' का कोई सवाल ही नहीं उठता। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई भूमिका पर उन्होंने कहा कि उनके अनुभव का लाभ बिहार को मिलता रहेगा।

सम्राट चौधरी: "रणनीति तैयार, विपक्ष के पास सिर्फ खाली दावे"

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी साफ कर दिया है कि एनडीए ने अपनी बिसात बिछा दी है। उन्होंने पूर्व में ही संकेत दिया है कि गठबंधन की ओर से पांच उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं। एनडीए के सभी घटक दलों के बीच समन्वय इतना मजबूत है कि विपक्ष की कोई भी सेंधमारी संभव नहीं है।

विपक्ष के 'खेला' पर कड़ा प्रहार

नेताओं के इन बयानों से साफ है कि एनडीए इस बार सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि विपक्ष को मनोवैज्ञानिक मात देने के लिए भी मैदान में है। संजय झा का यह कहना कि 'लोग कहां-कहां से निकलेंगे', इस बात की ओर इशारा करता है कि वोटिंग के दिन कुछ बड़ा और अप्रत्याशित हो सकता है, जो विपक्ष की गणित बिगाड़ देगा।

Report - Dhiraj sinha

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