संसद में गूंजी शांभवी की आवाज: 'यह बजट अगली पीढ़ी के लिए, अगले चुनाव के लिए नहीं'; वित्त विधेयक के समर्थन में गिनाईं उपलब्धियां

समस्तीपुर सांसद शांभवी ने लोकसभा में वित्त विधेयक का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने नारी सशक्तिकरण, कर सुधारों और बिहार के लिए एनडीए सरकार द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों को सदन के सामने रखा।

संसद में गूंजी शांभवी की आवाज: 'यह बजट अगली पीढ़ी के लिए, अग

Patna  - लोजपा (R) सांसद शांभवी ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने यूपीए और एनडीए काल के आंकड़ों की तुलना करते हुए बताया कि कैसे भारत 'फ्रैजिल फाइव' से निकलकर दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बना। 

"नारी शक्ति का स्वर्णिम कालखंड": देवी दुर्गा से वित्त मंत्री तक का उल्लेख

नवरात्र के पावन अवसर पर अपना संबोधन शुरू करते हुए सांसद शांभवी ने कहा कि आज का भारत नारी शक्ति के 'स्वर्णिम कालखंड' का गवाह बन रहा है। उन्होंने गर्व से उल्लेख किया कि जहाँ देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर एक महिला (राष्ट्रपति) विराजमान हैं, वहीं देश की अर्थव्यवस्था की कमान भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (SHG) को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' बताते हुए कहा कि आज गाँव की महिलाएं देश के विकास की पटकथा लिख रही हैं।

Fragile Five से Top Five: आर्थिक क्रांति का सफर

आचार्य चाणक्य के श्लोक "प्रजा सुखे सुखं राज्यः" का उद्धरण देते हुए शांभवी ने कहा कि मोदी सरकार ने इस सिद्धांत को धरातल पर उतारा है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जो भारत कभी 'Fragile Five' (पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाएं) में गिना जाता था, वह आज दुनिया की 'Top 5' अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। आईएमएफ (IMF) और ओईसीडी (OECD) जैसी संस्थाएं भी आज भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का 'ब्राइट स्पॉट' मान रही हैं।

कर सुधार: 'टैक्स टेररिज्म' नहीं, पारदर्शिता का युग

विपक्ष द्वारा लगाए गए 'टैक्स टेररिज्म' के आरोपों को आंकड़ों के जरिए खारिज करते हुए सांसद ने बताया कि:

  • कर मुक्त आय: अब ₹12 लाख प्रतिवर्ष तक की आय कर मुक्त है, जो यूपीए काल के मुकाबले 6 गुना अधिक है।

  • प्रत्यक्ष कर संग्रह: 2013-14 के ₹6.38 लाख करोड़ से बढ़कर अब ₹22.5 लाख करोड़ हो गया है।

  • ऐतिहासिक सुधार: उन्होंने याद दिलाया कि असली 'टैक्स टेररिज्म' तो 2012 में था जब यूपीए ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटकर पिछली तारीख से टैक्स (Retrospective Tax) लागू किया था।

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  • बिहार का विकास: 10 वर्षों में मिली 14.5 लाख करोड़ की सौगात

बिहार के विकास पर विशेष जोर देते हुए शांभवी ने बताया कि एनडीए सरकार ने पिछले 11 वर्षों में बिहार की परियोजनाओं के लिए ₹14.5 लाख करोड़ से अधिक की सहायता दी है। इसकी तुलना में यूपीए के 10 साल के शासन में बिहार को मात्र ₹2.5 लाख करोड़ ही मिल सके थे। उन्होंने कृषि बजट में हुई 5 गुना वृद्धि का भी जिक्र किया और कहा कि बिहार का विकास केवल एनडीए सरकार की प्राथमिकता में है।

"अगली पीढ़ी के लिए काम करती है सरकार"

गोस्वामी तुलसीदास की चौपाइयों और अटल बिहारी वाजपेयी की कविता "भारत कोई जमीन का टुकड़ा नहीं..." के साथ अपने भाषण का समापन करते हुए शांभवी ने एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "यह वित्त विधेयक इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार अगले चुनाव को जीतने के लिए नहीं, बल्कि देश की अगली पीढ़ी का भविष्य संवारने के लिए काम करती है।"