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Bihar Re NEET Scam: 22 मेडिकल छात्रों का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा, री-NEET फर्जीवाड़े में मेडिकल माफिया का पर्दाफाश,MBBS छात्रों ने बनाया था डमी नेटवर्क

Bihar Re NEET Scam: आर्थिक अपराध इकाई और प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इन छात्रों का मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

22 Medical Students Face Exit Over NEET Dummy Network Scam
22 मेडिकल छात्रों का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा- फोटो : social Media

Bihar Re NEET Scam: बिहार के चर्चित री-NEET घोटाले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। फर्जीवाड़े की परतें खुलने के बाद अब 22 मेडिकल छात्रों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। आर्थिक अपराध इकाई  और प्रवर्तन निदेशालय  की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इन छात्रों का मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि री-NEET परीक्षा में धांधली की साजिश में मेडिकल छात्र भी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा माफियाओं के साथ मिलकर पूरा नेटवर्क खड़ा किया था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, नीट परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा होने वाली री-NEET परीक्षा में सेंध लगाने की साजिश रची गई थी। इस पूरे खेल में 17 लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनमें करीब 10 मेडिकल छात्र शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि कुछ मेडिकल की डिग्री पूरी कर चुके हैं। आरोप है कि इन लोगों ने अपनी मेडिकल जानकारी और पहचान का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़े का नेटवर्क तैयार किया।

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जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा में बैठने के लिए कथित तौर पर स्कॉलर उपलब्ध कराए जाते थे और इसके लिए 5 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक की डील होती थी। बायोमेट्रिक सत्यापन में हेराफेरी के लिए तकनीकी मदद लेने की बात भी सामने आई है। एजेंसियों ने मेडिकल कॉलेजों को कार्रवाई की सूचना भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि दोषी पाए गए छात्रों का पंजीकरण रद्द किया जा सके।

पूछताछ में गिरोह के कथित मास्टरमाइंड के रूप में पीएमसीएच के सौरव, एनएमसीएच के चंदन और पावापुरी मेडिकल कॉलेज के रविशंकर उर्फ सम्राट के नाम सामने आए हैं। जांच के अनुसार, री-NEET परीक्षा से पहले पटना में बैठकर पूरी रणनीति तैयार की गई थी। परीक्षा में कौन स्कॉलर बनेगा, किस तरह बायोमेट्रिक व्यवस्था को चकमा देना है और लखीसराय तक पहुंचने की योजना कैसे बनाई जाएगी, इसकी कथित रूप से पूरी प्लानिंग की गई थी। ईओयू की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों से कई अहम सुराग मिले हैं। अब फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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री-NEET घोटाले ने मेडिकल शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब कार्रवाई की तलवार उन छात्रों पर भी लटक रही है, जिन्होंने डॉक्टर बनने की राह में ही कथित तौर पर फर्जीवाड़े का रास्ता चुना।