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जीविका दीदियों के 1.18 करोड़ का गबन, मशरूम उत्पादन सामग्री हड़पकर फरार हुई कंपनी

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर के बोचहां से एक बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आया है। मशरूम उत्पादन के लिए स्वीकृत 1.18 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का गबन कर लिया गया। ...

Jivika Didi
जीविका दीदियों के 1.18 करोड़ का गबन- फोटो : reporter

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर के बोचहां से एक बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आया है। मशरूम उत्पादन के लिए स्वीकृत 1.18 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का गबन कर लिया गया। यह रकम 60 जीविका दीदियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जारी की गई थी, लेकिन एक निजी कंपनी ने इसे हड़प लिया।

जानकारी के मुताबिक, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की शाखा प्रबंधक पल्लवी मिश्रा ने इस मामले में कुढ़नी थाना क्षेत्र के खरौनाडीह की एमएस ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि कंपनी को पहले ही बैंक द्वारा पूरी राशि उपलब्ध करा दी गई थी ताकि जीविका दीदियों को मशरूम उत्पादन के लिए बीज, कंपोस्ट और अन्य आवश्यक सामग्री दी जा सके। लेकिन समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी न तो कोई सामग्री दी गई और न ही रोजगार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब बैंक ने जांच की और पाया कि कंपनी ने योजना के तहत किसी भी दीदी तक एक भी संसाधन नहीं पहुँचाया। मामले से जीविका दीदियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। साथ ही उनका रोजगार का सपना भी चकनाचूर हो गया।

पुलिस ने बताया कि बैंक प्रबंधक की लिखित शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रभारी थानाध्यक्ष अन्नपूर्णा कुमारी ने कहा कि “कंपनी के प्रोपराइटर और संबंधित लोगों की तलाश की जा रही है। इस बड़े गबन का खुलासा जल्द ही किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

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ग्रामीणों और जीविका दीदियों का कहना है कि इस योजना से उन्हें मशरूम उत्पादन के जरिए आत्मनिर्भर बनने का मौका मिल सकता था, लेकिन कंपनी के गबन ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं। अब वे प्रशासन और पुलिस से न्याय की मांग कर रही हैं।

यह मामला न सिर्फ एक वित्तीय धोखाधड़ी है, बल्कि गरीब और स्वरोजगार की तलाश में लगी महिलाओं के सपनों पर भी कुठाराघात है। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर कब तक इस गबनकांड के असली गुनहगार सलाखों के पीछे पहुँचेंगे।

रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा