LATEST NEWS

  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा निशाना
  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा

  • Bihar Road Accident : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर दो बसों के बीच हुई भीषण टक्कर, चालक की मौके पर हुई मौत, तीन यात्री हुए जख्मी
  • Bihar Road Accident : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर दो बसों के बीच हुई भीषण टक्कर, चालक की मौके पर

  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने 20 मिनट में पाया काबू
  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों

  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और 4 बाइक किया जब्त
  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और

  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने शराब की बड़ी खेप के साथ चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने

Irani Riyal VS Dollar: ईरान की मुद्रा रियाल ऐतिहासिक निचले स्तर पर, एक डॉलर के लिए देने पड़ रहे 13 लाख रियाल रुपये पर भी दबाव,

Irani Riyal VS Dollar: ईरान की मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है, जहां एक डॉलर के लिए 13 लाख रियाल चुकाने पड़ रहे हैं। प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनावों के बीच महंगाई बढ़ी है, वहीं भारत का रुपया भी डॉलर के मुकाबले 90.74 के ऐतिहासिक निचले स

Irani Riyal VS Dollar
डॉलर ने घोटा ईरानी रियाल का गला!- फोटो : social media

Irani Riyal VS Dollar: ईरान की मुद्रा रियाल ने इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है। सोमवार को एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 13 लाख ईरानी रियाल तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। इसका सीधा संकेत है कि रियाल की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग खत्म हो चुकी है। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब ईरान कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और बढ़ते क्षेत्रीय तनावों से जूझ रहा है।

तेहरान के मुद्रा बाजारों में डॉलर की मांग अचानक बढ़ गई है। कारोबारियों के मुताबिक बीते कुछ ही हफ्तों में रियाल 12 लाख से फिसलकर 13 लाख प्रति डॉलर के पार पहुंच गई। इससे पहले 3 दिसंबर को भी रियाल ने अपना पिछला रिकॉर्ड निचला स्तर छुआ था, लेकिन अब हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं।

Diarch GO

महंगाई ने तोड़ा आम लोगों का बजट

रियाल की तेज गिरावट का असर सीधे ईरान की आम जनता पर पड़ रहा है। खाने-पीने की चीजें, दवाइयां और रोजमर्रा का सामान लगातार महंगा हो रहा है। घरेलू बजट पर भारी दबाव है और ईंधन की कीमतों में हालिया बदलाव से हालात और खराब हो सकते हैं। आर्थिक अनिश्चितता के चलते लोग अपनी बचत को विदेशी मुद्रा या सोने में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीतिक तनाव और प्रतिबंध बने बड़ी वजह

ईरान की मुद्रा संकट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए सख्त प्रतिबंध माने जा रहे हैं। देश को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम से काफी हद तक बाहर कर दिया गया है, जिससे विदेशी लेन-देन मुश्किल हो गया है। तेल निर्यात पर रोक लगने से डॉलर की आमद कम हो गई है। इसके अलावा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका से बातचीत ठप पड़ी है और इजरायल के साथ संभावित टकराव की आशंका ने बाजारों की चिंता और बढ़ा दी है।

NSIT
Nsmch

भारत का रुपया भी दबाव में

इसी दिन भारत की मुद्रा रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुई। सोमवार को रुपया 25 पैसे टूटकर 90.74 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 90.80 तक भी पहुंच गया था।

विशेषज्ञों के मुताबिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव बढ़ा है। आयातकों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग ने स्थिति को और कठिन बना दिया।

बाजार विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के अनुसार, रुपया फिलहाल एशियाई मुद्राओं में सबसे कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयात की ज्यादा मांग और पूंजी निकासी के कारण डॉलर-रुपया बाजार में असंतुलन बना हुआ है। आने वाले दिनों में रुपये पर दबाव बना रह सकता है, जहां 90.95 एक अहम रेजिस्टेंस और 90.50 सपोर्ट लेवल माना जा रहा है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चेतावनी

ईरान की मुद्रा का इस तरह टूटना केवल एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक अस्थिरता की ओर भी इशारा करता है। वहीं भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए भी कमजोर मुद्रा महंगाई और आयात लागत बढ़ने का संकेत देती है।