LATEST NEWS

  • Illegal Firecrackers in Patna
  • दिवाली से पहले पटना सिटी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 लाख के अवैध पटाखे जब्त

  • Bihar Electricity Connection New Charges Effective From November 1
  • Bihar Electricity Connection: बिहार में बिजली कनेक्शन लेना हुआ महंगा, 1 नवंबर से उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा

  • Supreme Court: ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा बैंकों की जिम्मेदारी, देना पड़ सकता है मुआवजा, साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
  • Supreme Court: ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा बैंकों की जिम्मेदारी, देना पड़ सकता है मुआवजा, साइबर ठगी पर

  • LPG Gas Rules 2026
  • LPG Gas Rules 2026: 1 नवंबर से बदलेंगे गैस सिलेंडर के नियम, सिलेंडर बुकिंग से सब्सिडी तक जानें

  • November Bank Holidays 2026
  • November Bank Holidays 2026: नवंबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक,बैंक जाने से पहले देख लें छुट्टियों की

LPG Pipeline: LPG सप्लाई होगी और मजबूत! 6 राज्यों में बिछेगी 1,800 KM पाइपलाइन

LPG Pipeline: PNGRB ने करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से 1,800 किमी नई LPG पाइपलाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। जानिए किन राज्यों से गुजरेगी पाइपलाइन और क्या होंगे फायदे।

LPG Pipeline

LPG Pipeline: अगर आपके घर में खाना बनाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, तो आने वाले समय में LPG की सप्लाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने करीब 7,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से लगभग 1,800 किलोमीटर लंबी नई LPG पाइपलाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन पाइपलाइनों के जरिए देश के कई राज्यों में LPG पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

नई पाइपलाइन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य LPG की सप्लाई को ज्यादा सुरक्षित, भरोसेमंद और बेहतर बनाना है। पाइपलाइन के जरिए लंबी दूरी तक LPG पहुंचने से सड़क मार्ग से LPG टैंकरों की आवाजाही भी कम हो सकती है। इससे परिवहन लागत घटाने के साथ सड़क हादसों और ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

किन राज्यों से होकर गुजरेगी नई LPG पाइपलाइन?

PNGRB ने तीन प्रमुख LPG पाइपलाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनका नेटवर्क तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और गोवा तक फैलेगा।

चेरलापल्ली से नागपुर तक 556 किलोमीटर पाइपलाइन

पहली परियोजना के तहत तेलंगाना के चेरलापल्ली से महाराष्ट्र के नागपुर तक करीब 556 किलोमीटर लंबी LPG पाइपलाइन बनाई जाएगी। इससे दोनों राज्यों के बीच LPG की सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

NSIT
Nsmch

झांसी से सितारगंज तक 611 किलोमीटर पाइपलाइन

दूसरी परियोजना उत्तर प्रदेश के झांसी से उत्तराखंड के सितारगंज तक होगी। इसकी लंबाई करीब 611 किलोमीटर बताई गई है। यह पाइपलाइन उत्तर भारत के कई हिस्सों में LPG पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

शिक्रापुर से गोवा और हुबली तक 633 किलोमीटर पाइपलाइन

तीसरी परियोजना महाराष्ट्र के शिक्रापुर से गोवा और कर्नाटक के हुबली तक करीब 633 किलोमीटर लंबी होगी। इससे पश्चिम और दक्षिण भारत में LPG की सप्लाई को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

देश में कितना बढ़ जाएगा LPG पाइपलाइन नेटवर्क?

इन तीनों परियोजनाओं को सरकारी कंपनी GAIL (India) Limited विकसित करेगी। परियोजनाएं पूरी होने के बाद PNGRB के अधिकृत कॉमन-कैरियर LPG पाइपलाइन नेटवर्क की लंबाई करीब 7,700 किलोमीटर से बढ़कर 9,500 किलोमीटर हो जाएगी। यानी नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश के LPG पाइपलाइन नेटवर्क में करीब 23.5 प्रतिशत का विस्तार होगा। इससे LPG को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत परिवहन नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी।

LPG पाइपलाइन से आम लोगों को क्या फायदा होगा?

नई LPG पाइपलाइन का सीधा असर सप्लाई व्यवस्था पर पड़ेगा। पाइपलाइन से LPG की लंबी दूरी की ढुलाई सड़क के मुकाबले ज्यादा व्यवस्थित तरीके से की जा सकती है। इससे LPG टैंकरों की सड़क पर आवाजाही कम होने की संभावना है। लंबी दूरी के परिवहन में लॉजिस्टिक और परिवहन खर्च घटाने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा LPG टैंकरों से जुड़े सड़क हादसों का जोखिम कम होने की उम्मीद है। पाइपलाइन नेटवर्क बढ़ने से ट्रैफिक दबाव और ईंधन की ढुलाई से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

क्या LPG सिलेंडर सस्ता हो जाएगा?

नई LPG पाइपलाइन परियोजनाओं का उद्देश्य मुख्य रूप से सप्लाई और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है। इसलिए केवल पाइपलाइन बनने से घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत सीधे कम हो जाएगी, ऐसा कहना सही नहीं होगा। LPG की खुदरा कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की कीमत, टैक्स, सब्सिडी और सरकार की कीमत नीति समेत कई कारकों का असर पड़ता है।

करीब 7,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली ये तीन परियोजनाएं पूरी होने के बाद भारत का LPG पाइपलाइन नेटवर्क लगभग 9,500 किलोमीटर हो जाएगा। इससे LPG की ढुलाई को सड़क से पाइपलाइन की ओर बढ़ाने और देश में ईंधन की सप्लाई को ज्यादा सुरक्षित और मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।