LATEST NEWS

  • BPSC Assistant Professor Recruitment
  • BPSC ने दिया बड़ा झटका, 1711 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती रद्द की, अभ्यर्थियों को करना होगा

  • Bihar Education News
  • Bihar Education News: वेतन घोटाले के बाद शिक्षा विभाग सख्त, DEO के पत्र से शिक्षकों में इस

  • Illegal Firecrackers in Patna
  • दिवाली से पहले पटना सिटी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 लाख के अवैध पटाखे जब्त

  • Bihar Electricity Connection New Charges Effective From November 1
  • Bihar Electricity Connection: बिहार में बिजली कनेक्शन लेना हुआ महंगा, 1 नवंबर से उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा

  • Supreme Court: ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा बैंकों की जिम्मेदारी, देना पड़ सकता है मुआवजा, साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
  • Supreme Court: ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा बैंकों की जिम्मेदारी, देना पड़ सकता है मुआवजा, साइबर ठगी पर

Egg prices:अंडे के दाम में फिर आएगा उछाल! मक्का और एथेनॉल की बढ़ती मांग ने बढ़ाई चिंता

Egg prices: सर्दियों में अंडों की कीमत बढ़ने की आशंका है। जानिए मक्का, पोल्ट्री फीड, इथेनॉल की बढ़ती मांग और सर्दियों में अंडों की कीमत 20-25 रुपये तक पहुंचने के अनुमान की पूरी वजह।

Egg prices

Egg prices: प्याज, चीनी और दाल जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों के बीच अब अंडे के दाम भी लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। पिछले एक साल में देश के कई हिस्सों में अंडों की कीमतों में करीब 35 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। अब पोल्ट्री इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का अनुमान है कि सर्दियों में मांग बढ़ने के साथ कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है।

नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी के आंकड़ों के मुताबिक, इस समय फार्म स्तर पर एक अंडे की कीमत करीब 7 रुपये है। वहीं, कई जगहों पर खुदरा बाजार में अंडा 8.50 से 9 रुपये के आसपास बिक रहा है। कुछ बाजार विशेषज्ञों और पोल्ट्री कारोबारियों का अनुमान है कि सर्दियों में प्रीमियम और खास किस्म के अंडों की कीमत 20 से 25 रुपये प्रति अंडे तक पहुंच सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सामान्य अंडे भी हर जगह 20 से 25 रुपये में बिकेंगे।

अंडे महंगे होने की सबसे बड़ी वजह क्या है?

अंडे की कीमत बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत मानी जा रही है। मुर्गियों के चारे में मक्के का बड़ा हिस्सा होता है। इसलिए मक्के की कीमत बढ़ने का सीधा असर अंडे की उत्पादन लागत पर पड़ता है। भारत में इथेनॉल उत्पादन के लिए मक्के की मांग बढ़ी है। सरकार की 20 फीसदी इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के बाद मक्के का इस्तेमाल ईंधन बनाने में भी बढ़ा है। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, देश में पैदा होने वाले मक्के का एक बड़ा हिस्सा अब इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल हो रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में मक्के की कीमत करीब 14,000 रुपये प्रति टन से बढ़कर लगभग 26,500 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। इसका असर पोल्ट्री किसानों की लागत पर पड़ा है।

पोल्ट्री फीड में मक्के की बड़ी भूमिका

मुर्गियों के दाने में मक्के की हिस्सेदारी करीब 60 से 70 फीसदी तक बताई जाती है। ऐसे में मक्का महंगा होने पर पोल्ट्री फॉर्म चलाने की लागत भी बढ़ जाती है। इसके अलावा मुर्गियों के चारे में प्रोटीन के लिए सोयाबीन मील का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कीमतों में बढ़ोतरी होने पर किसानों की लागत और बढ़ जाती है।

NSIT
Nsmch

सर्दियों में क्यों बढ़ सकती है अंडे की मांग?

भारत में सर्दियों के दौरान अंडों की खपत आमतौर पर बढ़ जाती है। लोग ठंड के मौसम में अंडे को अपने खाने का हिस्सा ज्यादा बनाते हैं। इसके अलावा स्कूलों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य जगहों पर भी मांग बनी रहती है।अगर सर्दियों में मांग बढ़ती है और उसी समय पोल्ट्री फीड की लागत भी ऊंची रहती है, तो अंडों की कीमत में और तेजी आ सकती है। उत्पादन और सप्लाई की स्थिति भी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

क्या हर अंडा 20-25 रुपये का हो जाएगा?

ऐसा जरूरी नहीं है। 20 से 25 रुपये प्रति अंडे का अनुमान मुख्य रूप से प्रीमियम, ब्रांडेड या खास किस्म के अंडों के लिए लगाया जा रहा है। सामान्य अंडों की कीमत इससे काफी कम रह सकती है। अंडे की कीमत अलग-अलग राज्यों और शहरों में सप्लाई, मांग, उत्पादन लागत और स्थानीय बाजार के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए सर्दियों में देशभर में सभी अंडों की कीमत 20 से 25 रुपये होने की बात कहना सही नहीं होगा। फिलहाल अंडे की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव पोल्ट्री फीड की लागत और आने वाले महीनों में बढ़ने वाली मांग का है। अगर मक्का और सोयाबीन जैसे कच्चे माल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो सर्दियों में अंडों के दाम पर दबाव जारी रह सकता है।