तमिलनाडु की फैक्ट्री से बोकारो तक, बिहार की युवती की सिक्रेट शादी और हत्या का दिल दहला देने वाला मामला, जान कर खौफ खा जाएंगे आप

तमिलनाडु की फैक्ट्री में काम करने वाले युवक द्वारा गुप्त शादी और हत्या का चौंकाने वाला मामला। बोकारो पुलिस ने आरोपी रोहित महतो को गिरफ्तार कर लिया।

तमिलनाडु की फैक्ट्री से बोकारो तक, बिहार की युवती की सिक्रेट
murder- फोटो : freepik

Bokaro murdered: तमिलनाडु की फैक्ट्री में काम करने वाले बोकारो के एक युवक ने अपनी सहकर्मी युवती की हत्या का मामला दिल दहला देने वाला है। डेढ़ साल पहले गुपचुप तरीके से शादी करने के बाद, युवती द्वारा ससुराल जाने की मांग ने युवक को इतना उग्र कर दिया कि उसने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी।

प्रेम और गुपचुप विवाह

रोहित महतो और लक्ष्मी कुमारी की मुलाकात तमिलनाडु की एक फैक्ट्री में हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने, जो सितंबर 2023 में गुपचुप विवाह में परिवर्तित हो गए। यह विवाह रोहित ने अपने परिवार से छिपा कर रखा था। वहीं लड़की बिहार के गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र की रहने वाली थी।

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हत्या की घटना

लक्ष्मी जब बार-बार अपने ससुराल जाने की मांग करने लगी, तो रोहित ने उसे बोकारो बुलाया। 17 जनवरी को, बोकारो रेलवे स्टेशन के पास स्थित खंडहरनुमा क्वार्टर में ले जाकर उसने लक्ष्मी की हत्या कर दी। शव को छुपाने के लिए उसने उसे शौचालय में फेंक दिया।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

बोकारो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को घटनास्थल पर मिली जानकारियों और फॉरेंसिक टीम की सहायता से आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। रोहित महतो ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी सबूतों और साक्ष्यों के आधार पर उसकी चालाकी काम नहीं आई।

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सबूत और जुर्म की स्वीकारोक्ति

गिरफ्तारी के बाद, रोहित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से लक्ष्मी के मोबाइल, आधार कार्ड और अन्य सामान बरामद किया।

जांच और फॉरेंसिक सहायता

एफएसएल टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की सहायता से पुलिस ने साक्ष्य जुटाए, जिससे घटना की कड़ियां जुड़ सकीं। इस मामले में बोकारो पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है।

गंभीर सामाजिक मुद्दा

यह घटना एक गंभीर सामाजिक मुद्दा उजागर करती है, जहां व्यक्तिगत इच्छाओं और सामाजिक दबावों के बीच फंसे व्यक्ति ने अपराध का रास्ता चुना। यह मामला न केवल कानूनी बल्कि नैतिक सवाल भी खड़े करता है कि प्रेम और रिश्तों में पारदर्शिता और सहमति कितनी महत्वपूर्ण है।