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डीएलएसए सुपौल का विधिक जागरूकता कार्यक्रम: बच्चों के अधिकार और सुरक्षा पर दिया गया बल

डीएलएसए सुपौल का विधिक जागरूकता कार्यक्रम: बच्चों के अधिकार
डीएलएसए सुपौल का विधिक जागरूकता कार्यक्रम- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Patna : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), सुपौल के तत्वावधान में रविवार को बच्चों के अधिकारों और उनके कल्याण को लेकर एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके संवैधानिक व कानूनी अधिकारों, सुरक्षात्मक प्रावधानों तथा निःशुल्क विधिक सहायता प्रणाली के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना था।

NALSA योजना 2024 के तहत हुआ आयोजन 

यह कार्यक्रम 'नालसा (बच्चों के लिए बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं) योजना, 2024' (NALSA Child-Friendly Legal Services Scheme, 2024) के तहत आयोजित किया गया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम-सह-प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुपौल, मो. अफजल आलम के दिशा-निर्देश में आयोजित इस सत्र में बच्चों को शिक्षा का अधिकार (RTE), बाल विवाह प्रतिषेध, बाल श्रम उन्मूलन और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या हिंसा से बचाव के कानूनी नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई।

शोषण व हिंसा के खिलाफ मुखर होने की अपील 

सत्र के दौरान बच्चों और उपस्थित लोगों को प्रेरित किया गया कि वे किसी भी प्रकार के शारीरिक, मानसिक या सामाजिक शोषण और अधिकारों के हनन की स्थिति में चुप न रहें। ऐसी परिस्थितियों में बच्चे या उनके अभिभावक तुरंत अपने शिक्षकों, संबंधित बाल कल्याण संस्थाओं या जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर मदद ले सकते हैं। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को भयमुक्त और सुरक्षित माहौल देना पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है।

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वरिष्ठ अधिवक्ता और स्वयंसेवक रहे उपस्थित 

जागरूकता कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता विमलेश कुमार, पाराविधिक स्वयंसेवक (PLV) रणवीर सिंह और मो. मोअज्जम ने मुख्य भूमिका निभाई और बच्चों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में विधिक जागरूकता के इस संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।

निःशुल्क विधिक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी 

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल द्वारा यह जानकारी भी साझा की गई कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति या पीड़ित परिवार निःशुल्क कानूनी मदद प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकता है या सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के कार्यालय में आवेदन दे सकता है।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट