LATEST NEWS

  • Patna STF Inspector Hurt
  • Patna Crime: पटना में सरेराह गुंडागर्दी, STF इंस्पेक्टर का हेलमेट से सिर फोड़ा, BJP नेता ज्योति शेखर

  • Vaishali Boat Accident:वैशाली नाव हादसे में एक ही परिवार के 7 बच्चों समेत 13 की मौत से कोहराम, जनाक्रोश देखकर मौके से भागीं डीएम, जर्जर नाव की शिकायतों पर क्यों सोया रहा प्रशासन? सीओ पर ये आरोप भी
  • Vaishali Boat Accident:वैशाली नाव हादसे में एक ही परिवार के 7 बच्चों समेत 13 की मौत से कोहराम,

  • Bihar Weather
  • Bihar Weather: बिहार में मौसम का बदलने लगा मिजाज, दिन में धूप तो रात में बढ़ेगी ठंडक, इन

  • Patna boat accident: राघोपुर नाव हादसा,तेजस्वी  जाएंगे घटनास्थल, हादसे वाली नाव के सरकारी होने की बात आई सामने
  • Patna boat accident: राघोपुर नाव हादसा,तेजस्वी जाएंगे घटनास्थल, हादसे वाली नाव के सरकारी होने की बात आई

  • Bihar news:वैशाली के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की दर्दनाक मौत, मुआवजे का ऐलान
  • Bihar news:वैशाली के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की दर्दनाक मौत, मुआवजे का

26 नवंबर को मनाया जाएगा उत्पन्ना एकादशी, इस दिन भगवान की इस तरह करें पूजा

हर महीने में एक एकादशी आती है। उसके अलग-अलग मतलब होते हैं। लेकिन इस महीने में कौन सी एकादशी है और इसमें कैसे पूजा की जाती है, चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं।

26 नवंबर को मनाया जाएगा उत्पन्ना एकादशी, इस दिन भगवान की इस

मंगलवार, 26 नवंबर को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इसे उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। एक साल में कुल 24 एकादशियां रहती हैं और जिस साल में एक अधिकमास रहता है, तब एकादशियों की संख्या 26 हो जाती है। इस तिथि के स्वामी भगवान विष्णु माने गए हैं। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की ग्याहरवीं तिथि पर देवी एकादशी प्रकट हुई थीं, इसी वजह से इस तिथि को उत्पन्ना एकादशी कहते हैं।

उत्पन्ना एकादशी और मंगलवार के योग में इस दिन भगवान विष्णु-लक्ष्मी के साथ ही हनुमान जी और मंगल ग्रह की भी विशेष पूजा करनी चाहिए। इस दिन विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप बालगोपाल का दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक करें। स्कंद पुराण के वैष्णव खंड में एकादशी महात्म्य नाम का अध्याय है, इसमें सालभर की सभी एकादशियों के बारे में बताया गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने पांडव युधिष्ठिर को सभी एकादशियों के बारे में बताया था। जो भक्त एकादशी व्रत करते हैं, उन्हें विष्णु जी की कृपा से सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है।

Diarch GO

इस दिन भगवान विष्णु मंत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करना चाहिए। भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी का अभिषेक करें। अभिषेक जल और दूध से करना चाहिए। दोनों देवी-देवताओं को पीले चमकीले वस्त्र अर्पित करें। फूलों से श्रृंगार करें। तुलसी के पत्तों के साथ मिठाई और मौसमी फलों का भोग लगाएं। पूजा में भगवान के सामने एकादशी व्रत करने का संकल्प लें। जो लोग व्रत करते हैं, उन्हें पूरे दिन निराहार रहना चाहिए, सुबह और शाम को विष्णु जी की विशेष पूजा करनी चाहिए। अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर भी सुबह पूजा करें, पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और फिर खुद भोजन ग्रहण करें।

एकादशी पर शिव पूजा भी करें। शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाएं। बिल्व पत्र, हार-फूल, चंदन से श्रृंगार करें। किसी मंदिर में शिवलिंग के पास दीपक जलाएं और ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें। बाल गोपाल का अभिषेक करें। तुलसी के साथ माखन-मिश्री का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाएं और आरती करें। हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।

NSIT
Nsmch