LATEST NEWS

  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा निशाना
  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा

  • Bihar Road Accident : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर दो बसों के बीच हुई भीषण टक्कर, चालक की मौके पर हुई मौत, तीन यात्री हुए जख्मी
  • Bihar Road Accident : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर दो बसों के बीच हुई भीषण टक्कर, चालक की मौके पर

  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने 20 मिनट में पाया काबू
  • पटना के जमाल रोड स्थित प्लास्टिक फूल के गोदाम में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों

  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और 4 बाइक किया जब्त
  • Bihar News : गया पुलिस ने 9 शराब कारोबारियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब और

  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने शराब की बड़ी खेप के साथ चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : कटिहार में मरीजों की जगह एंबुलेंस में ढोई जा रही थी शराब, कटिहार पुलिस ने

Ekadashi 2025: साल 2025 में 24 बार होगी एकादशी, जानें पूरी लिस्ट और महत्व

एकादशी व्रत हर माह दो बार मनाया जाता है। एक बार कृष्ण पक्ष और दूसरी बार शुक्ल पक्ष में। इस प्रकार, सालभर में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। प्रत्येक एकादशी का अलग महत्व होता है।

Ekadashi 2025

Ekadashi 2025: धर्मप्रेमियों के लिए साल 2025 में एकादशी व्रत का विशेष महत्व रहेगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है। इसे सच्चे मन और श्रद्धा से करने से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि व्यक्ति को मोक्ष का मार्ग भी प्राप्त होता है।

एकादशी का महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, एकादशी व्रत का पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति आती है और वह पापों से मुक्त होता है। इस व्रत को करने से धन, संपत्ति, और संतान सुख की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति बैकुंठ में स्थान प्राप्त करता है।

Diarch GO


नियमों का पालन जरूरी

व्रत के दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। इस व्रत का उद्देश्य समय, श्रम और धन की बचत कर जीवन को कल्याणकारी बनाना है।


जन्म-मरण से मुक्ति का उपाय

धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति सालभर की सभी एकादशियों का व्रत करता है, उसे जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिलती है। इसीलिए इसे सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में गिना जाता है। प्रत्येक एकादशी का फल और महत्व अलग-अलग होता है। इस व्रत को सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक करना चाहिए।

NSIT
Nsmch


2025 की एकादशी व्रत सूची


जनवरी 2025

10 जनवरी: पौष पुत्रदा एकादशी

25 जनवरी: षटतिला एकादशी


फरवरी 2025

8 फरवरी: जया एकादशी

24 फरवरी: विजया एकादशी


मार्च 2025

10 मार्च: आमलकी एकादशी

25 मार्च: पोपमोचनी एकादशी


अप्रैल 2025

8 अप्रैल: कामदा एकादशी

24 अप्रैल: वरुथिनी एकादशी


मई 2025

8 मई: मोहिनी एकादशी

23 मई: अपरा एकादशी


जून 2025

6 जून: निर्जला एकादशी

21 जून: योगिनी एकादशी


जुलाई 2025

6 जुलाई: देवशयनी एकादशी

21 जुलाई: कामिका एकादशी


अगस्त 2025

5 अगस्त: श्रावण पुत्रदा एकादशी

19 अगस्त: अजा एकादशी


सितंबर 2025

3 सितंबर: परिवर्तिनी एकादशी

17 सितंबर: इंदिरा एकादशी


अक्टूबर 2025

3 अक्टूबर: पापांकुशा एकादशी

17 अक्टूबर: राम एकादशी


नवंबर 2025

2 नवंबर: देवुत्थान एकादशी

15 नवंबर: उत्पन्ना एकादशी


दिसंबर 2025

1 दिसंबर: मोक्षदा एकादशी

15 दिसंबर: स्फल एकादशी

30 दिसंबर: पौष पूर्णिमा एकादशी