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maa janki temple - अयोध्या के रामलला की तरह पुनौराधाम के जानकी मंदिर में दिखेगा मां सीता का बालस्वरुप, कल होगा शिलान्यास

maa janki temple - सीतामढ़ी के पुनौराधाम में कल मां जानकी मंदिर का गृहमंत्री अमित शाह और सीएम नीतीश कुुमार भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है।

maa janki temple - अयोध्या के रामलला की तरह पुनौराधाम के जान

Sitamarhi - बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में मां जानकी मंदिर के शिलान्यास को लेकर यहां के लोगों में उत्साह है। कल गृह मंत्री अमित शाह और सीएम नीतीश कुमार एक साथ मंदिर की आधारशिला रखेंगे। कार्यक्रम को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं अब मंदिर में मां सीता के किस स्वरुप में विराजेंगी, इससे भी पर्दा हट गया है. 

जानकारी के अनुसार पुनौराधाम मंदिर में माता जानकी के बाल स्वरूप का दर्शन होगा। इसमें सुनैना की गोद में माता सीता को देते राजा जनक की छवि दिखेगी। इसे वाराणसी या जयपुर में तैयार किया जाएगा। 

इसी धरती पर हुआ मां सीता का  प्राकट्य

हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है, लेकिन लंबे समय से माता सीता के मंदिर की मांग कर रहे मिथिला राघव परिवार, सीता आराधना मंडल और अन्य संगठनों के विश्वस्त लोगों का कहना है कि इस छवि में ही माता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। 

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इसके पीछे का तर्क देते हुए सीता रसोई के संचालक रामशंकर शास्त्री बताते हैं कि मिथिलावासियों को मंदिर में माता जानकी के बाल स्वरूप देखने की प्रबल चाह है। इसका आधार यह है कि माता सीता का इस धरती पर प्राकट्य हुआ था।

इस धरती ने माता का बाल स्वरूप व लीला ही देखा है। छठी उत्सव के बाद राजा जनक उन्हें नेपाल के जनकपुर महल लेकर चले गए थे। किशोरावस्था से लेकर वैवाहिक संस्कार तक वहीं से संपन्न हुआ था, इसलिए मंदिर में बालस्वरूप प्रतिमा ही देखने की चाह है।

सजावट के लिए बुलाए कोलकात्ता के कारीगर

पुनौराधाम मंदिर और पूरा परिसर पुष्पों से सुवासित है। यहां थाईलैंड, बेंगलुरु और कोलकाता से मंगाए गए 50 से अधिक प्रजाति के पुष्पों से सजाया गया है। साज-सज्जा के लिए बंगाल के कोलकाता से कारीगरों का दल पहुंचा है।

दल के सदस्य बीते दो दिनों से सजावट के कार्य में लगे हैं और रात भर लगे रहे। दल का नेतृत्व संजीव सांवत कर रहे हैं। उनके अनुसार मंदिर की सजावट में थाईलैंड से एंथोरियम और सफेद व पिंक लिली मंगाया गया है।

कार्नेशन, सेवंती, आर्किड, झुप्सी व जरवेरा को बेंगलुरु से मंगाया गया है। अलग-अलग रंगों के गुलाब को कोलकाता से ही लेकर आए हैं। कलाकार बादल बताते हैं कि पुष्पों से मंदिर परिसर को सजाया गया है, जबकि गेंदा के फूल से बाहरी परिसर को सुसज्जित किया गया है।

बता दें कि बिहार सरकार ने मंदिर के निर्माण के लिए 8 सौ करोड़ से ज्यादा की राशि मंजूर की है। खुद सीएम नीतीश कुमार मंदिर के निर्माण को लेकर उत्साहित हैं। इस मंदिर का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है।