LATEST NEWS

  • Bihar Crime : बरबीघा में बड़ी वारदात, दिनदहाड़े दुकान में घुसकर 2 लाख रुपये उड़ा ले गए उचक्के
  • Bihar Crime : बरबीघा में बड़ी वारदात, दिनदहाड़े दुकान में घुसकर 2 लाख रुपये उड़ा ले गए उचक्के

  • Bihar News : मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग को लेकर जमकर हुआ बवाल, दो गुटों में जमकर हुई मारपीट, सोशल मीडिया में वीडियो हुआ वायरल
  • Bihar News : मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग को लेकर जमकर हुआ बवाल, दो गुटों में जमकर हुई

  • Narayani Path
  • गंडक किनारे सड़क निर्माण से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 73.51 KM लंबे नारायणी पथ से पर्यटन और

  • CM Samrat Choudhary
  • भारत रत्न लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर सीएम सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

  • Bihar News : पूर्वी चंपारण में अपराधियों पर बड़ा शिकंजा, एसपी स्वर्ण प्रभात ने 125 फरार आरोपियों पर 6.54 लाख का इनाम किया घोषित
  • Bihar News : पूर्वी चंपारण में अपराधियों पर बड़ा शिकंजा, एसपी स्वर्ण प्रभात ने 125 फरार आरोपियों पर

Bihar News : शेखपुरा में मिड डे मील में हेडमास्टर ने किया खेला, परिजनों ने किया जमकर बवाल

Bihar News : शेखपूरा के एक स्कूल में मिड डे मील में हेडमास्टर ने बड़ा खेला कर दिया. जिसके बाद स्कूल में जाकर बच्चों के परिजनों ने जमकर बवाल काटा....,,पढ़िए आगे

Bihar News : शेखपुरा में मिड डे मील में हेडमास्टर ने किया खे
मिड डे मील में खेला - फोटो : SOCIAL MEDIA

SHEKHPURA : शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने एक दिन पूर्व बिहार के तमाम जिलाधिकारी को विद्यालयों में मेनू के अनुसार मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया है। लेकिन शेखपुरा के मध्य विद्यालय में आदेश को ताक पर रखकर इसकी धज्जियां उड़ा दी गई। दरअसल विद्यालय में मध्याह्न भोजन के दौरान बच्चों को स्कूल प्रशासन ने भात में मिर्च का पाउडर मिलाकर परोस दिया। फिर क्या था बच्चों ने इसकी शिकायत अपने अभिभावकों से जाकर कर दी और विद्यालय में खूब हंगामा हुआ। मामला जिला मुख्यालय स्थित नगर परिषद शेखपुरा क्षेत्र के वार्ड नंबर 2 मध्य विद्यालय धरमपुर से जुड़ा हुआ है। बच्चों और अभिभावकों के हंगामे के कारण विद्यालय में काफी देर तक असहजता की स्थिति बनी रही। बाद में कुछ ग्रामीणों के द्वारा ही बीच बचाव करके मामले को किसी तरह शांत कराया गया।

हालांकि मामले को लेकर अभिभावकों के द्वारा अभी तक किसी प्रकार की कोई लिखित शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारियों के पास नहीं की गई है। पूरे मामले को लेकर स्थानीय निवासी और वार्ड पार्षद चंदन कुमार ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक एमडीएम में अक्सर मनमानी करते रहते हैं। इससे पहले भी विद्यालय में कई बार हंगामा हो चुका है। कभी विद्यालय में दाल तो कभी सब्जी खत्म हो जाता है। दाल और सब्जी में कटौती करने के साथ-साथ बच्चों को सरकार द्वारा निर्धारित मेंन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है। चंदन कुमार ने दावा किया कि विद्यालय का रसोइया अगर पर्याप्त मात्रा में चावल दाल और सब्जी बना देता है तो प्रधानाध्यापक के द्वारा उसके साथ भी गाली गलौज किया जाता है। बच्चों को मध्यान भोजन में मिलने वाला मौसमी फल तो अब हाथी का दांत बन चुका है। हालांकि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन में हुई गड़बड़ी का यह मामला शुक्रवार का बताया जा रहा है। लेकिन शनिवार को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राचार्य और ग्रामीणों के बीच हुई नोक झोंक का वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले ने जिले में तूल पकड़ लिया है।

वार्ड पार्षद चंदन कुमार ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विद्यालय में कुछ बच्चों को खाना खिलाने के बाद ही दाल और सब्जी खत्म हो गई थी। थोड़ी देर बाद जब कुछ बच्चे खाना खाने के लिए पहुंचे तो उन्हें चावल में मिर्च का पाउडर मिलाकर परोस दिया गया। इस बात की शिकायत बच्चों के द्वारा अपने अभिभावकों से किया गया। फिर क्या था काफी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे। वार्ड पार्षद चंदन कुमार भी हंगामा की बात सुनकर जब विद्यालय पहुंचे तो वे भी आवाक  रह गए। हालांकि इस मामले को लेकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद होदा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें फसाने की साजिश हो रही है। मामले को तुल देने में उन्होंने विद्यालय के ही एक शिक्षक के हाथ होने का आरोप लगाया है। प्रधानाध्यापक का कहना है की शुरुआत में ही कुछ बच्चों को अधिक सब्जी और डाल परोस देने की वजह से इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मेनू के अनुसार बच्चों को अंडा भी दिया गया था। हंगामा को लेकर उन्होंने कहा कि 2 दिन पूर्व उन्होंने एक रसोईया को आलू और मसाला चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। जिसके बाद से ही उन्हें बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही थी। .वही इस मामले में एमडीएम के डीपीओ ने भी किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. गौरतलब हो कि शुक्रवार को ही शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव ने बिहार के सभी जिलाधिकारी को पत्र जारी करके विद्यालयों में मेनू के अनुसार ही मध्यान्ह भोजन बच्चों को उपलब्ध करवाने का आदेश जारी किया था. आदेश जारी होने के कुछ घंटे के बाद ही शेखपुरा जिले से इस तरह का मामला सामने आ गया। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। 

शेखपुरा से उमेश की रिपोर्ट