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Bihar News : शेखपुरा में भी पकड़ा गया फर्जी यूपीएससी टॉपर, राजद के पूर्व विधायक ने किया सम्मानित, फोटो पोस्ट करने के बाद हुआ खुलासा

Bihar News : शेखपुरा में एक और फर्जी यूपीएससी टॉपर पकड़ा गया है. जैसे राजद के पूर्व विधायक ने उसे सम्मानित करने फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट किया. इसका खुलासा हो गया......पढ़िए आगे

Bihar News : शेखपुरा में भी पकड़ा गया फर्जी यूपीएससी टॉपर, र
पकड़ा गया फर्जी यूपीएससी टॉपर- फोटो : UMESH

Sheikhpura:- ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह के यूपीएससी रिजल्ट में फर्जीवाड़े का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शेखपुरा में भी इसी तरह का एक और मामला सामने आ गया है. इस बार यह फर्जीबाड़ा रैंक 440 को लेकर सामने आया है. मामले का खुलासा तब हुआ जब शेखपुरा से राजद के पूर्व विधायक विजय सम्राट ने कथित तौर पर यूपीएससी टॉपर को नगद राशि और वीआईपी ब्रीफकेस देकर सम्मानित कर दिया.यही नहीं पंचायत के मुखिया सरफराज आलम से लेकर महुली थाना अध्यक्ष रामप्रवेश भारती  तक ने फर्जी यूपीएससी टॉपर को सम्मानित कर दिया. गांव के लोग भी खुशी से फुले नहीं समा रहे थे. बधाई देने के लिए दिन-रात लोग फर्जी यूपीएससी टॉपर के घर पर पहुंच रहे थे.इसी बीच मंगलवार को सुबह राजद विधायक विजय सम्राट द्वारा फर्जी यूपीएससी टॉपर को सम्मानित करते हुए फोटो और वीडियो अपने फेसबुक आईडी से पोस्ट किया गया. फोटो में युवक का पहनावा और बॉडी लैंग्वेज देखकर कई लोगों ने शंका जाहिर कर दी. फिर क्या था जिले के महुली थाना अध्यक्ष ने फर्जी यूपीएससी टॉपर को एडमिट कार्ड लेकर थाने पर बुलाया.लेकिन वह थाने पर आने की बजाय भूमिगत हो गया. बाद में जिले के पत्रकारों ने जब इसकी तहकीकात शुरू की तो फर्जीवाड़े की पूरी बात सामने आ गई.

दरअसल यह मामला जिले के अरियरी प्रखंड के चोरदरगाह पंचायत स्थित फतेहपुर गांव में से जुड़ा हुआ है. यहां के निवासी पेशे से किसान अर्जुन यादव के पुत्र रंजीत कुमार ने खुद को यूपीएससी टॉपर बताया और 440 रैंक लाने की बात कह गांव में शोर कर दिया.जबकि जांच में खुलासा हुआ कि यूपीएससी में 440 वाँ रैंक शेखपुरा के रंजीत कुमार की नहीं बल्कि कर्नाटक राज्य के रंजीथ कुमार की है. शेखपुरा के फर्जी यूपीएससी टॉपर के नाम के अंत में "त" जबकि असली 440वाँ रैंक धारी यूपीएससी टॉपर के नाम के अंत में 'थ' है. वर्णमाला के अंतर का फायदा उठाकर ही शेखपुरा के रंजीत ने खुद को यूपीएससी टॉपर बता कर लोगों के सामने पेश कर दिया लेकिन उसकी इस मक्कारी का दो दिनों के अंदर ही पर्दाफाश हो गया. उसके फर्जीबाड़े की खबर की पुष्टि इस बात से भी होती है कि खुद पूर्व राजद विधायक विजय सम्राट को भी जब इस बात का जब भान हुआ तो उन्होंने अपने फेसबुक आईडी से बधाई संदेश देने वाला पोस्ट डिलीट कर दिया.

उधर सच्चाई सामने आने के बाद रंजीत कुमार गांव छोड़कर दिल्ली फरार हो गया हैं.दरअसल 6 मार्च को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का परिणाम जारी किया गया था. इस परीक्षा में कर्नाटक के रंजीथ कुमार को 440वां रैंक प्राप्त हुआ था. नाम में ‘थ’ और ‘त’ के अंतर के कारण फतेहपुर निवासी रंजीत कुमार ने यह मान लिया कि वही इस परीक्षा में सफल हुए हैं. इसके बाद उन्होंने गांव के लोगों को इसकी जानकारी दी कि उन्होंने यूपीएससी में सफलता हासिल की है.

 रंजीत कुमार की इस बात पर विश्वास करते हुए लोगों ने उन्हें सम्मानित करना शुरू कर दिया.जिसके बाद रंजीत कुमार अचानक सोशल मीडिया की सुर्खियों में छा गया. लेकिन इस दौरान थानाध्यक्ष ने उनसे यूपीएससी परीक्षा से संबंधित एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर आने को कहा. जिसके बाद वह गांव छोड़कर दिल्ली के लिए निकल गया।. इधर जब पत्रकारों ने फोन कर रंजीत कुमार से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया. अब यह मामला पुरे जिला में चर्चा का विषय बना हुआ है. रंजीत कुमार दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था. इसी दौरान उसने यूपीएससी में सफलता का दावा किया, जिस पर गांव के लोग भरोसा कर बैठे वही थाना में बिठाकर माला पहनाकर लड्डू खिलाने वाले थानाध्यक्ष रामप्रवेश भारती भी युवक को तलाश कर रहे हैं.

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उमेश की रिपोर्ट