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Samastipur Hospital News: समस्तीपुर में चिकित्सकों की लापरवाही, डायलिसिस करने की जगह काट दिया शरीर का ऐसा अंग...भारी बवाल

समस्तीपुर के वैष्णवी अस्पताल में एक मरीज की डायलिसिस के दौरान गलती से जीभ काट दी गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने परिजनों को गलत जानकारी देकर उन्हें गुमराह किया। जानें पूरी घटना।

 Samastipur Hospital News: समस्तीपुर में चिकित्सकों की लापरव
Samastipur Hospital - फोटो : AI

Samastipur Hospital News: बिहार के समस्तीपुर में एक अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि डायलिसिस करवाने आए एक मरीज की जीभ गलती से काट दी गई और फिर डॉक्टरों ने इस घटना को छिपाने की कोशिश की। यह घटना वैष्णवी अस्पताल की है, जहां मरीज के परिजनों को गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया।

क्या है घटना?

समस्तीपुर के शिवनाथपुर निवासी सतनारायण पासवान को डायलिसिस के लिए वैष्णवी अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उनकी जीभ गलती से काट दी। जब उनके मुंह से खून बहने लगा, तो डॉक्टरों ने उनके मुंह को बैंडेड से बंद कर दिया। इसके बाद, परिजनों को बताया गया कि उनकी किडनी फट गई है और मरीज अब कुछ ही घंटों का मेहमान है।

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मरीज के होश में आने पर हुआ खुलासा

डॉक्टरों की सलाह पर परिजन मरीज को घर ले आए, लेकिन अगले दिन जब मरीज को होश आया, तो उसने इशारे में कहा कि उसे दूसरे अस्पताल ले चलें। दूसरे अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि मरीज की किडनी पूरी तरह से ठीक थी, और उसकी जीभ काटी गई थी।

अस्पताल का पक्ष

वैष्णवी अस्पताल के मैनेजर ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका अस्पताल ऑपरेशन या डायलिसिस का इलाज नहीं करता। उन्होंने यह दावा किया कि ऐसे कोई मरीज उनके अस्पताल में नहीं आया और यह आरोप बे-बुनियाद हैं। अस्पताल ने कहा कि उनके यहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और कोई भी जांच कर सकता है।

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क्या कहते हैं पीड़ित के परिजन?

मरीज के भाई ने कहा कि उनके भाई को पहले पटना और फिर समस्तीपुर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इलाज सही से नहीं हो सका। आखिरकार, वैष्णवी अस्पताल में यह हैरान करने वाली घटना हुई, जिससे उनका परिवार सदमे में है।

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही

समस्तीपुर के इस मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और जिम्मेदारी के सवाल खड़े कर दिए हैं। जबकि परिजन इस घटना से बेहद आहत हैं, अस्पताल ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस घटना की जांच से सच्चाई सामने आनी बाकी है।