1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते BSEIDCL के कार्यपालक अभियंता रंगे हाथ गिरफ्तार, निगरानी की टीम ने दबोचा

Patna : बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (B.S.E.I.D.C.L.), पूर्णिया में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता ब्रिजेन्द्र कुमार मिश्र को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने 1,04,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार, 2 सितंबर 2026 को पटना के बेली रोड स्थित नेहरू पथ पर चिड़ियाघर के समीप गोल्फ क्लब गेट के पास की गई। निगरानी की विशेष धावादल टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अभियंता को घूस की रकम के साथ मौके पर ही दबोच लिया।
कटिहार में स्कूल निर्माण भुगतान के बदले मांगी थी 2% कमीशन
निगरानी ब्यूरो में परिवादी राम सागर शर्मा, पटना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कटिहार जिले के सरकारी विद्यालयों में किए गए निर्माण कार्य का 1,54,19,229 रुपये का प्रथम भुगतान उनके खाते में आ चुका था। इसी भुगतान की राशि का 2% कमीशन के रूप में आरोपी कार्यपालक अभियंता द्वारा कुल 3 लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। सत्यापन में 1,04,000 रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर डीएसपी विकाश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में धावादल का गठन कर यह कार्रवाई की गई।
आवास से 8.96 लाख नकद, एक करोड़ का निवेश व लॉकर के दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पटना स्थित लखन कॉम्प्लेक्स आवास पर की गई तलाशी में 8,96,000 रुपये अतिरिक्त नकद राशि बरामद की गई। इसके अलावा लगभग एक करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश के कागजात, एक हुंडई i20 कार, दो बैंक लॉकरों के दस्तावेज तथा सोना-चांदी के आभूषण मिले हैं, जिनका आधिकारिक मूल्यांकन कराया जा रहा है। आरोपी वर्ष 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद 2022 से आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से BSEIDCL पूर्णिया में संविदा पर कार्यरत थे।
वर्ष 2026 में निगरानी ब्यूरो का 96वां ट्रैप कांड
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज यह 104वीं प्राथमिकी तथा 96वां ट्रैप कांड है। इस वर्ष अब तक कुल 96 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और कुल 36,13,800 रुपये रिश्वत राशि जब्त की गई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष 2025 (प्रति माह औसतन 8.4 ट्रैप) की तुलना में इस वर्ष 2026 में प्रति माह आनुपातिक रूप से 11.8 ट्रैप कांड दर्ज हुए हैं, जो भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई में 40% की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
विशेष न्यायालय में पेशी और पुलिस का संदेश
पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी कार्यपालक अभियंता को पटना स्थित विशेष न्यायालय (निगरानी) में प्रस्तुत किया जाएगा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना संकल्प दोहराते हुए आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी लोक सेवक या सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही हो, तो इसकी सूचना तुरंत निगरानी ब्यूरो को देकर कार्रवाई में सहयोग करें।
रंजीत की रिपोर्ट















