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Samastipur News: समस्तीपुर के 84 हजार से अधिक जमीनों की रजिस्ट्री पर लगी रोक, सामने आई वजह

Samastipur News: समस्तीपुर सहित बिहार के 20 अंचलों में 84,471 खाता-खेसरा भूमि रोक सूची में है, जिससे आम लोगों को भूमि बेचने में कठिनाई हो रही है। जानिए पूरी प्रक्रिया और समस्याएं।

Samastipur News
जमीन रजिस्ट्री पर लगी रोक- फोटो : social media

Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले में 84,000 से अधिक जमीन खाता-खेसरा नंबर निबंधन विभाग द्वारा "रोक सूची" में डाले जाने के कारण हजारों ज़मीन मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।भूमि विक्रेता अपने स्वामित्व की जमीन बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने जाते हैं, तो उन्हें तब पता चलता है कि उनकी जमीन पर सरकारी रोक लगी हुई है — जबकि उन्होंने लगान भी समय पर अदा किया है और ज़मीन पर कब्जा भी वर्षों से है।

क्या है रोक सूची और क्यों है यह विवादों में?

सरकार ने सरकारी भूमि जैसे गैर-मजरुआ आम/खास जैसे जमीनों पर निबंधन से रोकने के लिए एक सूची तैयार की है, जिसे "रोक सूची" कहा जाता है।कई मामलों में स्वामित्व वाली निजी ज़मीनें भी गलती से रोक सूची में डाल दी गई हैं।खाता-खेसरा नंबर गलत मेल हो जाने से वैध ज़मीनें भी सूची में आ रही हैं।रोक सूची सार्वजनिक नहीं है, जिससे ज़मीन मालिकों को जानकारी ही नहीं मिलती कि उनकी ज़मीन सूची में क्यों और कैसे गई।

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रोक सूची से ज़मीन हटाने की प्रक्रिया क्या है?

रोक सूची से ज़मीन हटाने की प्रक्रिया के मुताबिक डीसीएलआर रिपोर्ट आवश्यक है (Deputy Collector Land Reforms)।राजस्व विभाग और निबंधन विभाग की संयुक्त बैठक में निर्णय होता है।एक साथ दर्जनों मामले जमा होने पर ही बैठक होती है, जिससे प्रतीक्षा लंबी होती है। अगर किसी मामले में संदेह या त्रुटि हो, तो पुनः जांच की प्रक्रिया चलती है। समस्या यह है कि इसका कोई निर्धारित समयसीमा नहीं है।प्रक्रिया बहुत धीमी और जटिल है। आम जनता दफ्तर-दफ्तर चक्कर काट रही है।

रोक सूची में कितनी ज़मीनें और कहां?

अंचलवार रोक सूची में ज़मीन (खाता-खेसरा संख्या):

अंचल    संख्या

रोसड़ा    16,767

समस्तीपुर    8,203

बिथान    1,646

कल्याणपुर    6,517

विभूतिपुर    6,881

विद्यापतिनगर    5,705

ताजपुर    5,048

दलसिंहसराय    5,748

सिंधिया    5,474

पटोरी    3,814

मोरवा    3,085

शिवाजीनगर    3,566

हसनपुर    4,391

पूसा    2,294

मोहिउद्दीननगर    911

उजियारपुर    1,072

सरायरंजन    1,040

मोहनपुर    634

वारिसनगर    1,096

खानपुर    579

कुल    84,471

यह संख्या दर्शाती है कि यह सिर्फ विभागीय नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक समस्या भी है।