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संभावित बाढ़ को लेकर आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा की हाई लेवल बैठक: अधिकारियों को 15 जून तक तैयारियां पूरी करने का अल्टीमेटम

संभावित बाढ़ को लेकर आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा की हाई
संभावित बाढ़ को लेकर आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा की हाई लेवल बैठक- फोटो : छोटू सरकार

Saharsha : जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन के सभागार में गुरुवार, 11 जून 2026 को बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। मानसून के आगमन और कोशी क्षेत्र में संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की मंत्री ने बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने माननीय मंत्री महोदय का स्वागत एक हरा-भरा पौधा भेंट कर किया, जिसके बाद आपदा प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा शुरू हुई।


15 जून से पहले एसओपी के तहत सभी काम पूरा करने का सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री रत्नेश सादा ने कड़े तेवर अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप बाढ़ पूर्व की सभी आवश्यक तैयारियों को हर हाल में 15 जून 2026 से पहले पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि बाढ़ की स्थिति में विस्थापित और प्रभावित होने वाले परिवारों के आश्रय (राहत शिविरों) के लिए चिन्हित किए गए स्थलों का भौतिक सत्यापन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ये राहत केंद्र यथासंभव ऊंचे स्थानों पर बने हों।

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पूर्वी और पश्चिमी कोशी तटबंधों पर कटाव निरोधक कार्य अविलंब पूरा करने का आदेश

कोशी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और तेज धारा से होने वाले भू-कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को विशेष टास्क दिया गया। मंत्री ने पूर्वी कोशी तटबंध के अंतर्गत आने वाले चंद्रायन, कोपरिया एवं सुपौल क्षेत्रों तथा पश्चिमी कोशी तटबंध के निर्मली क्षेत्र में चल रहे बाढ़ सुरक्षात्मक एवं कटाव निरोधक कार्यों की वर्तमान स्थिति जानी। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि संवेदनशील और अति-संवेदनशील स्थलों पर आवश्यकतानुसार फ्लड फाइटिंग और कटाव निरोधक कार्यों को बिना किसी देरी के तुरंत पूरा कराया जाए ताकि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित रहें।


लाइफ जैकेट की उपलब्धता और पुल-पुलियों के वेंट की सफाई पर विशेष बल

आपदा के समय राहत और बचाव कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए मंत्री ने सहरसा जिले में पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही, जलजमाव और बाढ़ के पानी की सुगम निकासी के लिए जिले के सभी प्रमुख पुल-पुलियों के नीचे (वेंट) जमा गाद, जलकुंभी और कचरे की सफाई का कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा न हो।

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सिमरी बख्तियारपुर समेत चार अंचलों के सीओ को नाव मालिकों से एकरारनामा का निर्देश

बाढ़ के दौरान आवागमन और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए नावों की महत्ता को देखते हुए मंत्री ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, सलखुआ एवं नवहट्टा के अंचलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा (सरकारी एग्रीमेंट) की प्रक्रिया अविलंब पूर्ण कर लें, ताकि आपदा दस्तक देते ही राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) गौरव कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) निशांत सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।


छोटू सरकार की रिपोर्ट