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सरकार का बड़ा फैसला, फोर्टीफाइड राइस की अनिवार्यता खत्म, धान अधिप्राप्ति को मिला नया संजीवनी

Bihar News: किसानों और खाद्य उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने फोर्टीफाइड राइस की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।

 Fortified rice requirement abolished
फोर्टीफाइड राइस की अनिवार्यता खत्म- फोटो : reporter

Bihar News: किसानों और खाद्य उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने फोर्टीफाइड राइस की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। इस निर्णय से धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने इसे किसानों के हित में उठाया गया अहम कदम बताया है।

मंत्री ने कहा कि फोर्टीफाइड राइस यानी पोषणयुक्त चावल को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की योजना के तहत सामान्य चावल में सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते थे। लेकिन इसकी अनिवार्यता के कारण कई व्यावहारिक परेशानियां सामने आ रही थीं। खास तौर पर फोर्टीफाइड चावल की अनुपलब्धता के चलते धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। मिलरों और आपूर्ति तंत्र को समय पर फोर्टीफाइड चावल उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, जिससे खरीद और वितरण दोनों में अड़चन आ रही थी।

Diarch GO

लेशी सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस अनिवार्यता को खत्म करने का फैसला लिया है, जिसका आधिकारिक पत्र राज्य सरकार को प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही धान अधिप्राप्ति की समय सीमा को 28 फरवरी से बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया है। इससे उन किसानों को विशेष राहत मिलेगी जो किसी कारणवश अब तक अपना धान नहीं बेच पाए थे।

राजनीतिक हलकों में इस फैसले को व्यावहारिक और ज़मीनी हकीकत से जुड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे खरीद केंद्रों पर दबाव कम होगा और भुगतान प्रक्रिया भी सुचारु रूप से पूरी हो सकेगी। किसानों को अब अतिरिक्त समय मिलने से वे अपनी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित कर पाएंगे।

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मंत्री ने केंद्रीय मंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला किसानों के हित और कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बढ़ी हुई समय सीमा और नई व्यवस्था से अधिप्राप्ति लक्ष्य कितनी तेजी से पूरा होता है।

रिपोर्ट- अंकित सिंह