LATEST NEWS

  • वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को मजबूर लोग
  • वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को

  • Bihar Cabinet Controversy:
  • बिहार कैबिनेट में ठेका बहाली पर घमासान: दो वरिष्ठ मंत्रियों में तीखी बहस, CM को करना पड़ा हस्तक्षेप

  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट
  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट

  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर की आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर

  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया GMCH रेफर
  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया

Sugar Price Hike: चीनी के रेट ने लोगों का निकाला पसीना, पटना में 75 रुपए किलो तक पहुंचा भाव, क्यों बढ़ रहे हैं मूल्य?

Sugar Price HikeSugar Price Hike: देश में चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल ने आम आदमी की जेब का जायका बिगाड़ दिया है। ...

Sugar Price Hike: चीनी के रेट ने लोगों का निकाला पसीना, पटना
चीनी के रेट ने लोगों का निकाला पसीना- फोटो : social Media

Sugar Price Hike: देश में चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल ने आम आदमी की जेब का जायका बिगाड़ दिया है। महज तीन महीनों में चीनी के दाम करीब 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसके साथ ही गुड़, चावल और मक्के के आटे की कीमतों में भी इजाफा दर्ज किया गया है। बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र और बिहार सरकार दोनों ने बाजार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार की कोशिश है कि जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर नकेल कसी जाए।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में चीनी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी नहीं हुई थी। लेकिन अब घरेलू बाजार में अचानक तेजी आने से सरकार भी हरकत में आ गई है। पटना में चीनी का भाव करीब 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है। इससे त्योहारों और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है।बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाया। टैरिफ रेट कोटा के तहत 3 अक्टूबर तक 10 लाख टन रॉ शुगर के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी गई है। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों पर दबाव कम करना है।इसके साथ ही हर महीने 10 टन से ज्यादा चीनी की खपत करने वाले थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक लिमिट भी लागू की गई है। ऐसे उपभोक्ता अपनी 15 दिनों की खपत के बराबर ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। इस कदम से जमाखोरी के खेल पर चोट करने की कोशिश की जा रही है।कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह आगामी 2026-27 चीनी सीजन को माना जा रहा है। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए सीजन में ओपनिंग स्टॉक घरेलू खपत के लिए जरूरी करीब 50 लाख टन से कम रहने का अनुमान है। उपलब्धता घटने की आशंका ने बाजार में बेचैनी बढ़ाई है।

Diarch GO

दूसरी तरफ एथेनॉल उत्पादन के लिए भी बड़ी मात्रा में अनाज और गन्ने से जुड़े उत्पादों का इस्तेमाल हो रहा है। पिछले साल देश में करीब 720 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन हुआ। इसके लिए बड़ी मात्रा में अनाज और चीनी उद्योग से जुड़े कच्चे माल का इस्तेमाल हुआ। इसका असर पशु आहार की उपलब्धता पर भी पड़ा है।खराब अनाज और अन्य कच्चे माल की उपलब्धता घटने से पशु आहार और पोल्ट्री फीड की कीमतों में 8 से 10 फीसदी तक बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसका सीधा असर दूध और अंडे की कीमतों पर भी पड़ा है। इनकी कीमतों में भी करीब 5 से 10 फीसदी तक वृद्धि का असर बाजार में दिखाई दे रहा है।

पटना में चीनी के दाम 75 रुपये किलो तक पहुंचने के बाद बिहार सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। राज्य में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले व्यापारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को स्टॉक की जांच और भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है। विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी के जिलाधिकारियों तथा चीनी मिल संचालकों को पत्र भेजकर स्टॉक की जांच के निर्देश दिए हैं।

NSIT
Nsmch

जिलों में वरीय उप समाहर्ता और ईख पदाधिकारी की संयुक्त टीम बनाई जाएगी। यह टीम चीनी मिलों और व्यापारियों के स्टॉक का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगी। मिलों से चीनी बिकने के बाद उसे अधिकतम सात दिनों के भीतर परिसर से बाहर करना होगा।केंद्र के निर्देश के मुताबिक 30 नवंबर 2026 तक व्यापारियों के लिए अधिकतम 400 टन की स्टॉक सीमा लागू है। बिहार के चिन्हित जिलों में विशेष अभियान चलाकर जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर रखी जाएगी।सरकार के इस सख्त रुख से साफ है कि चीनी के दाम में लगी महंगाई की आग को बुझाने के लिए अब प्रशासनिक शिकंजा कस दिया गया है। आने वाले दिनों में स्टॉक जांच, कार्रवाई और आयात के असर से बाजार में चीनी की कीमतें कितनी नीचे आती हैं, इस पर उपभोक्ताओं की नजर रहेगी।