Bihar politics:​बांकीपुर की हार के बाद पहली बार नितिन नवीन से मिले सम्राट चौधरी, सोन जल विवाद पर 26 साल बाद समझौता

Bihar politics: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली अप्रत्याशित शिकस्त के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।

Samrat Meets Nitin Nabin Post Bankipur Poll Defeat
बांकीपुर की हार के बाद पहली बार नितिन नवीन से मिले सम्राट चौधरी- फोटो : reporter

Bihar politics: बिहार की सियासत में सोमवार का दिन बड़ी उपलब्धि के नाम रहा। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली अप्रत्याशित शिकस्त के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। चुनावी हार के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आधिकारिक मुलाकात थी, जिसमें उपचुनाव के नतीजों और पार्टी की रणनीति को लेकर गहन मंथन और समीक्षा की गई।बांकीपुर सीट को लंबे अरसे से भाजपा का मजबूत सियासी किला माना जाता रहा है। ऐसे में यहां भाजपा प्रत्याशी की हार ने पार्टी के भीतर बेचैनी बढ़ा दी है। इस उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को मात देकर सियासी समीकरणों को झकझोर दिया।

बैठक में हार के कारणों, संगठन की स्थिति और मतदाताओं के बदलते रुझान पर चर्चा होने की बात सामने आई है। खास तौर पर जन सुराज के उभार को लेकर भाजपा अब ज्यादा सतर्क नजर आ रही है। बांकीपुर जैसे मजबूत गढ़ में मिली हार ने यह संकेत दिया है कि बिहार के सियासी मैदान में नई ताकतों को नजरअंदाज करना पार्टी के लिए भारी पड़ सकता है।

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ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा जमीनी संगठन, चुनावी रणनीति और सामाजिक समीकरणों को लेकर नए सिरे से रणनीति तैयार कर सकती है। बैठक को महज हार की समीक्षा के बजाय आने वाले सियासी मुकाबलों की तैयारी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

जहां एक तरफ बांकीपुर की हार ने भाजपा को आत्ममंथन के लिए मजबूर किया है, वहीं दूसरी ओर बिहार के लिए एक लंबे समय से अटका बड़ा विवाद खत्म होने का दावा किया गया है। बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर 26 साल से चला आ रहा विवाद अब खत्म हो गया है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने इसे बिहार के किसानों और राज्य के लिए बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है।

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मुख्यमंत्री के मुताबिक, नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। इसी बैठक में सोन नदी के जल बंटवारे से जुड़े पुराने विवाद को लेकर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी।

समझौते के बाद बिहार के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर जल उपलब्धता से कृषि को मजबूती मिलेगी और किसानों को सिंचाई की सुविधा बेहतर हो सकती है।सम्राट चौधरी ने इसे बिहार के विकास के लिए अहम कदम बताते हुए कहा कि समझौते का फायदा झारखंड के लोगों को भी मिलेगा। उनके मुताबिक, लंबे समय से लंबित विवाद का समाधान दोनों राज्यों के हित में है।मुख्यमंत्री ने इस समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 26 साल पुराने विवाद का अंत बिहार के हित में ऐतिहासिक समाधान है।

इस तरह बिहार की राजनीति में एक तरफ बांकीपुर की अप्रत्याशित हार ने भाजपा को रणनीति पर पुनर्विचार के लिए मजबूर किया है, तो दूसरी तरफ सोन नदी के जल बंटवारे पर समझौते ने सरकार को किसानों और विकास के मोर्चे पर बड़ी राहत दी है।

रिपोर्ट- धीरज कुमार सिंह