LATEST NEWS

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

  • Siwan Police Raid liquor mafia rinku pandey
  • Siwan Police Raid: कुख्यात शराब तस्कर रिंकू पांडेय के घर छापेमारी, 10,000 रुपये का इनामी फरार

पटना में शोधार्थियों का लोकभवन मार्च, असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन

प्रदर्शन कर रहे शोधार्थियों ने विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों और शोधार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

Researchers march to Lok Bhavan
Researchers march to Lok Bhavan- फोटो : news4nation

Bihar News :  ‘ऑल Ph.D. होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के बैनर तले बड़ी संख्या में जुटे शोधार्थी ने शनिवार को वीर कुंवर सिंह पार्क से लोकभवन की ओर मार्च के लिए निकले। सहायक प्राध्यापक बहाली और अन्य मांगों को लेकर शोधार्थियों ने यह विरोध मार्च निकाला।  इससे पहले शोधार्थी पिछले 19 दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे थे। लंबे समय से जारी आंदोलन के बाद शनिवार को शोधार्थियों ने अपनी मांगों को सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए लोकभवन मार्च किया।


असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति प्रक्रिया नियमित करने की मांग

प्रदर्शन कर रहे शोधार्थियों ने विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों और शोधार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शोधार्थियों ने नियुक्तियों में डोमिसाइल यानी निवास नीति लागू करने की भी मांग की है। उनका तर्क है कि बिहार के विश्वविद्यालयों में होने वाली नियुक्तियों में राज्य के योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिलना चाहिए।

Diarch GO


गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों के नियमितीकरण की मांग

आंदोलनकारियों ने वर्षों से विश्वविद्यालयों में कार्यरत गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों को सेवा नियमितीकरण का लाभ देने की मांग भी उठाई। शोधार्थियों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे गेस्ट फैकल्टी के भविष्य को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने की मांग की। शोधार्थियों ने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों की अकादमिक और प्रशासनिक स्वायत्तता का संरक्षण जरूरी है।


19 दिनों से आमरण अनशन

शोधार्थियों के मुताबिक, उनकी मांगों को लेकर गर्दनीबाग धरना स्थल पर पिछले 19 दिनों से आमरण अनशन चल रहा था। इसके बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए लोकभवन मार्च का फैसला लिया गया। 

NSIT
Nsmch


मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से जल्द से जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।


पटना से अनिल की रिपोर्ट।