Bihar Crime: EoU के रिमांड पर संजीव मुखिया, पेपर लीक कांड में मिले अहम सबूत
Bihar Crime: NEET-2024 पेपर लीक मामले में CBI से क्लीनचिट मिलने के बाद परीक्षा माफिया के तौर पर चर्चित संजीव मुखिया उर्फ लुटन मुखिया की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।...

Bihar Crime: NEET-2024 पेपर लीक मामले में CBI से क्लीनचिट मिलने के बाद परीक्षा माफिया के तौर पर चर्चित संजीव मुखिया उर्फ लुटन मुखिया की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने करीब नौ साल पुराने NEET-2017 प्रश्नपत्र कांड में उसे बेऊर जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। अदालत के आदेश के बाद EOU की टीम ने संजीव को अपने कब्जे में लिया और पुराने मामले की कड़ियां जोड़ने में जुट गई।यह वही मामला है, जिसमें वर्ष 2017 में पटना के पत्रकारनगर थाने में संजीव मुखिया, उसके बेटे डॉ. शिव कुमार समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र पहुंचने से पहले उसे हासिल करने की कथित साजिश रची गई थी।
परीक्षा से दो घंटे पहले खुला था खेल
NEET-2017 की परीक्षा 7 मई 2017 को आयोजित हुई थी। परीक्षा शुरू होने से महज करीब दो घंटे पहले पटना में कथित अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया गिरोह की गतिविधियों का खुलासा हुआ था। पुलिस के अनुसार, प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहन के चालक से कथित सांठगांठ कर प्रश्नपत्र तक पहुंचने की कोशिश की गई थी।सूचना मिलने के बाद पत्रकारनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रश्नपत्र ले जा रहे वाहन को रास्ते में बदलने की कथित कोशिश नाकाम कर दी थी। कार्रवाई में संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव कुमार समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद की कार्रवाई में इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की बात सामने आई थी।
सॉल्वर गिरोहों के नेटवर्क पर EOU की नजर
रिमांड के दौरान EOU संजीव मुखिया की वर्ष 2017 में कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह जानने में जुटी है कि प्रश्नपत्र तक पहुंचने की योजना किस स्तर तक तैयार की गई थी और कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।पूछताछ में अन्य अंतरराज्यीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और सॉल्वर गिरोहों की कार्यप्रणाली से जुड़े सुराग मिलने की बात भी सामने आई है। EOU पुराने मामलों और संभावित सॉल्वर नेटवर्क के बीच कनेक्शन खंगाल रही है।
जून 2024 से बेऊर जेल में बंद
संजीव मुखिया जून 2024 से बेऊर जेल में बंद है। उसे TRE-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया था। NEET-2024 पेपर लीक मामले में उसका नाम सामने आने के बावजूद, आपके दिए विवरण के मुताबिक CBI जांच में उसे क्लीनचिट मिली और 31 अगस्त को CBI की विशेष अदालत ने भी इस मामले में उसे दोषमुक्त कर दिया।
लेकिन NEET-2024 से राहत मिलते ही करीब नौ साल पुराने NEET-2017 मामले ने उसकी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं। अब EOU की पूछताछ से यह साफ होने की उम्मीद है कि उस दौर में प्रश्नपत्र तक पहुंचने की कथित कोशिश के पीछे असली नेटवर्क कितना बड़ा था और उसकी भूमिका कहां तक थी।















