LATEST NEWS

  • Bihar News : गंगा के बढ़ते जलस्तर का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा, कल करेंगे हवाई सर्वेक्षण और समीक्षा बैठक
  • Bihar News : गंगा के बढ़ते जलस्तर का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा, कल करेंगे हवाई सर्वेक्षण

  • कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में पढ़ाएंगे 20 अधिकारी, डीएम की इस पहल को पूरे बिहार में लागू करेगी सरकार
  • कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में पढ़ाएंगे 20 अधिकारी, डीएम की इस पहल को पूरे बिहार में लागू

  • नवादा में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत, दो गंभीर रूप से घायल
  • नवादा में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत, दो गंभीर रूप से घायल

  • Bihar News : खाद की कालाबाजारी रोकने की कृषि विभाग ने की पहल, बिहार के 19 जिलों में शुरू हुई डिजिटल बिक्री
  • Bihar News : खाद की कालाबाजारी रोकने की कृषि विभाग ने की पहल, बिहार के 19 जिलों में

  • कस्तूरबा विद्यालय का डीडीसी ने किया निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दिए निर्देश
  • कस्तूरबा विद्यालय का डीडीसी ने किया निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दिए निर्देश

Bihar News : खाद की कालाबाजारी रोकने की कृषि विभाग ने की पहल, बिहार के 19 जिलों में शुरू हुई डिजिटल बिक्री

Bihar News : कृषि विभाग ने किसानों को राहत देने और खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. अब खाद की बिक्री को डिजिटल कर दिया गया है.......पढ़िए आगे

Bihar News : खाद की कालाबाजारी रोकने की कृषि विभाग ने की पहल
खाद की कालाबाजारी पर रोक - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार के कृषि विभाग ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है। 'खेत बचाओ, गुणवत्तायुक्त बीज और खाद सुलभ कराओ' अभियान के तहत 1 सितंबर से राज्य के 19 जिलों में उर्वरक बिक्री व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। विभाग का कहना है कि व्यवस्था पारदर्शी होने से किसानों को कालाबाजारी से राहत मिलेगी।

हर किसान को मिले उर्वरक 

इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर किसान को समय पर और उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिले। डिजिटल बिक्री व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगेगी। इससे उर्वरक की उपलब्धता से लेकर बिक्री तक, हर स्तर पर निगरानी आसान होगी और किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि उर्वरक बिक्री व्यवस्था को डिजिटल और किसान-केंद्रित बनाने के लिए विभाग ने एफएसएएस (फर्टिलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम) के माध्यम से ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की है। आईएफएमएस और एग्रीस्टैक के एकीकरण से उर्वरक की खरीद-बिक्री प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है।

Diarch GO

किसानों के लिए जरुरी 

उन्होंने बताया कि जिन किसानों की भूमि संबंधी जानकारी किसान रजिस्ट्री में उपलब्ध है, उनके आवश्यक विवरण किसान पहचान-पत्र के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे। अन्य किसान भी एफएसएएस पर पंजीकरण कर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए संबंधित खेत का खाता एवं खेसरा संख्या, क्षेत्रफल तथा फसल का विवरण देना होगा। उपलब्ध जानकारी के आधार पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरक की आवश्यकता की गणना की जाएगी और किसान को क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जाएगा। यह क्यूआर कोड तीन दिनों तक मान्य रहेगा। किसान इस क्यूआर कोड के माध्यम से उसमें अंकित अधिकृत उर्वरक विक्रेता से निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान कर उर्वरक खरीद सकेंगे। कृषि मंत्री ने बताया कि सभी उर्वरक विक्रेताओं को नई व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, किसानों को किसान पहचान-पत्र, एफएसएएस पंजीकरण और निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

पटना समेत इन 19 जिलों में डिजिटल हुई उर्वरक बिक्री

जिन 19 जिलों में डिजिटल तरीके से उर्वरक बिक्री शुरू हुई है, उनमें पटना समेत सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, सारण, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और भागलपुर शामिल हैं। इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वैशाली और शेखपुरा जिलों से शुरू किया गया था। इसके बाद इसका विस्तार अन्य जिलों में किया गया है। 1 सितंबर से 19 जिलों में और 2 अक्टूबर से पूरे बिहार में डिजिटल उर्वरक बिक्री व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इससे उर्वरक की उपलब्धता, भंडार, वितरण और बिक्री की बेहतर निगरानी संभव होगी।

NSIT
Nsmch