नवादा में गंगाजल योजना के जलाशय निर्माण पर भारी हंगामा,अधिग्रहित जमीन पर जेसीबी चलने से भड़के किसान
नवादा जिले में गुरुवार को गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत बनने वाले जलाशय निर्माण स्थल पर भारी हंगामा हो गया। सरकार द्वारा अधिग्रहित जमीन पर किसानों की खड़ी धान की फसल मौजूद थी, जिस पर प्रशासन ने अचानक जेसीबी और पोकलेन मशीनों से काम शुरू करवा दिया....

Nawada : जिले के मधुबन गांव में गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत बनने वाले जलाशय निर्माण स्थल पर भारी हंगामा हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस योजना के तहत सरकार द्वारा अधिग्रहित जमीन पर किसानों की खड़ी धान की फसल मौजूद थी, जिस पर प्रशासन ने अचानक जेसीबी और पोकलेन मशीनों से काम शुरू करवा दिया। अपनी महीनों की मेहनत और लागत से तैयार फसल को नष्ट होता देख स्थानीय किसान और ग्रामीण उग्र होकर विरोध पर उतर आए।
प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में पुलिस ने हटाया प्रदर्शनकारी
अंचलाधिकारी रईस आलम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच यह कार्रवाई शुरू की गई। मशीनों के चलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं मौके पर जुट गईं तथा काम रोकने की मांग करने लगीं। विरोध बढ़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर व हल्का बल प्रयोग किए बिना मौके से पीछे हटाया।
उचित मुआवजा न मिलने का आरोप लगा रहे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, जलाशय निर्माण के लिए सरकार ने करीब 151 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। प्रभावित किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें अब तक उचित मुआवजा राशि नहीं मिली है। मुआवजा दिए बिना ही खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाए जाने से किसानों में भारी असंतोष व्याप्त है।
कड़ी सुरक्षा के बीच जारी रहा जलाशय निर्माण का काम
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही। स्थिति को अनियंत्रित होने से रोकने के लिए पुलिस बल ने सुरक्षा घेरा मजबूत किया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रशासनिक टीम ने जमीन से फसल हटवाकर जलाशय निर्माण का काम आगे बढ़ाया।
इलाके में तनाव, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
कार्रवाई के बाद से मधुबन गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना या दोबारा विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में निर्माण कार्य जारी है, वहीं प्रभावित किसान मुआवजे की मांग पर डटे हुए हैं।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट















