LATEST NEWS

  • वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को मजबूर लोग
  • वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को

  • Bihar Cabinet Controversy:
  • बिहार कैबिनेट में ठेका बहाली पर घमासान: दो वरिष्ठ मंत्रियों में तीखी बहस, CM को करना पड़ा हस्तक्षेप

  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट
  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट

  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर की आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर

  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया GMCH रेफर
  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया

नवादा में हाथियों का तांडव के तांडव से ग्रामीणों में दहशत, 40 दिनों से जारी है आतंक, तीन की मौत

Elephant rampage in Nawada
Elephant rampage in Nawada - फोटो : news4nation

Elephant rampage in Nawada  : बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित माधोपुर गांव में पिछले 40 दिनों से हाथियों का आतंक जारी है। इस दौरान हाथियों के हमले में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाथी लगातार फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, घरों को तोड़ रहे हैं और घरों में रखे अनाज को खा रहे हैं। ग्रामीणों में रात-दिन दहशत का माहौल है। 40 दिनों के भीतर तीन लोगों की जान हाथियों के कुचलने से जा चुकी है।


वन विभाग की निष्क्रियता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर वन विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 40 दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग हाथियों पर काबू पाने में विफल रहा है। 

Diarch GO


गोविंदपुर इलाके में हाथियों की दहशत पिछले करीब 40 दिनों से है। 27-28 मार्च की रात हाथियों का एक बड़ा झुंड (लगभग 26 हाथी) जमुई से कौआकोल होते हुए गोविंदपुर के महावरा में पहली बार देखा गया था।


काफी मशक्कत के बाद इस झुंड को लगभग एक हफ्ते बाद रजौली के रास्ते कोडरमा स्थानांतरित किया जा सका था। हालांकि, कुछ हाथी वहीं रह गए थे, जिनमें से दो हाथी बार-बार गोविंदपुर के माधोपुर और हरनारायणपुर इलाकों में आकर उत्पात मचा रहे हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ वन विभाग की भी परेशानी बढ़ गई है।

अमन की रिपोर्ट

NSIT
Nsmch